सिंध की यादों को संजोए रखने वालीं आंखें बंद होने के बाद भी देखेंगी दुनिया
अजय तिवारीसिंधी की यादों के साथ बचपन में तब के बैरागढ़ और आज के संत हिरदाराम नगर में कदम रखा था। संघर्ष, सफलता और सेवा के 84 वर्षों की यात्रा में जीविकोर्जन के लिए शासकीय सेवा की। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज के लिए खुद को समर्पित करने जज्बा जीवन में बनाए रखा। अंतिम…