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जबलपुर क्रूज हादसा: जल समाधि लेती व्यवस्था और सिस्टम की ‘खूनी’ लापरवाही

जबलपुर के बरगी बांध में हुआ क्रूज हादसा महज एक ‘दुर्घटना’ नहीं, बल्कि व्यवस्थागत विफलता और प्रशासनिक संवेदनहीनता का जीता-जागता प्रमाण है। जब तंत्र की रगों में जवाबदेही के बजाय लापरवाही दौड़ने लगे, तो जल पर्यटन के नाम पर सजे ये आलीशान क्रूज ‘मौत के तैरते ताबूत’ बन जाते हैं। विशेष टिप्पणी. अजय तिवारीBDC News…

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इंकलाब जिंदाबाद AI Image

मजदूर दिवस 2026: कागजी कानूनों और जमीनी संघर्ष के बीच सिसकता श्रमिक वर्ग

संजय तिवारी BDC News | bhopalonline.orgहर साल 1 मई को दुनिया भर में ‘मजदूर दिवस’ मनाया जाता है। शिकागो के हेमार्केट शहीद स्मारक से शुरू हुआ ‘8 घंटे काम’ का संघर्ष आज भी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में एक नई शक्ल अख्तियार कर चुका है। जहाँ सरकारें नए ‘लेबर कोड’ के जरिए विकास…

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तंबाकू: धीमा जहर, युवा पीढ़ी को खतरा

तंबाकू: धीमा जहर, युवा पीढ़ी को खतरा

विश्व तंबाकू निषेध दिवस विशेष: 31 मई 2025 डॉ. प्रितम भि. गेडाम तंबाकू, देश में आसानी से उपलब्ध एक ऐसा धीमा जहर है जो शरीर को धीरे-धीरे खोखला करके घातक बीमारियों का घर बनाता है और असमय मृत्यु का कारण बनता है। आधुनिक और उच्च शिक्षित समाज में भी तंबाकू का सेवन बढ़ता जा रहा…

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बंपर वोटिंग के पीछे के गहरे संकेत और बदलता चुनावी मिजाज

अजय तिवारीBDC News | bhopalonline.org पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं का जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वह भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता का प्रमाण है। बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर 89.93% और तमिलनाडु की सभी सीटों पर 82.24% रिकॉर्ड मतदान ने राजनीतिक विश्लेषकों को…

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महिला आरक्षण बिल: भाजपा की ‘रणनीतिक हार’ में छिपे ‘सियासी जीत’ के संकेत और नया नैरेटिव

महिला आरक्षण बिल: भाजपा की ‘रणनीतिक हार’ में छिपे ‘सियासी जीत’ के संकेत और नया नैरेटिव

विशेष टिप्पणी… अजय तिवारी संसद के गलियारों में जब महिला आरक्षण बिल से जुड़े तीन संविधान संशोधन विधेयक बहुमत के आंकड़े की कमी के कारण गिर गए, तो पहली नज़र में इसे मोदी सरकार की एक बड़ी विधायी विफलता के रूप में देखा गया। ग्यारह वर्षों के निर्बाध शासन में यह पहली बार था जब…

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संकट से घिरी हमारी नीली दुनिया. AI इमैज

पृथ्वी दिवस: संकट में घिरी हमारी ‘नीली दुनिया’ और अस्तित्व की रक्षा का संकल्प

फीचर डेस्क. BDC News | bhopalonline.org “पृथ्वी हमारे पूर्वजों से मिली हुई विरासत नहीं, बल्कि हमारे बच्चों से लिया हुआ उधार है।” यह प्राचीन कहावत आज के दौर में जितनी सटीक बैठती है, उतनी पहले कभी नहीं थी। हर साल 22 अप्रैल को दुनिया भर में ‘पृथ्वी दिवस’ (Earth Day) मनाया जाता है। यह केवल…

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बाबा साहब  अंबेडकर इमैज AI

अंबेडकर जयंती विशेष: बाबा साहेब के विचारों का सियासी इस्तेमाल या वैचारिक श्रद्धा?

बाबा साहेब और वर्तमान राजनीति अजय तिवारीBDC News | bhopalonline.org भारतीय संविधान के शिल्पकार, प्रखर अर्थशास्त्री और समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की आज 14 अप्रैल 2026 को 135वीं जयंती मनाई जा रही है। एक ऐसे समय में जब देश चुनावी सुगबुगाहटों और वैचारिक ध्रुवीकरण के दौर से गुजर रहा है, बाबा साहेब का नाम…

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इस्लामाबाद वार्ता विफल.. आगे की राह कठिन. AI

विश्लेषण : मध्य पूर्व में महाजंग की आहट और कूटनीतिक हार

इस्लामाबाद वार्ता विफल अजय तिवारीBDC News | bhopalonlie.org इस्लामाबाद के जिन्ना कन्वेंशन सेंटर में पिछले इक्कीस घंटों से चल रही अमेरिका और ईरान के बीच की महा-वार्ता का बिना किसी नतीजे के समाप्त हो जाना केवल एक कूटनीतिक असफलता नहीं है, बल्कि यह इक्कीसवीं सदी के सबसे जटिल वैश्विक संकट की उस भयावहता का परिचायक…

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विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026: ‘विज्ञान के साथ खड़े हों’ – एक स्वस्थ कल की ओर बढ़ते कदम

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026: ‘विज्ञान के साथ खड़े हों’ – एक स्वस्थ कल की ओर बढ़ते कदम

फीचर डेस्क BDC News|bhopalonline.org हर साल 7 अप्रैल को दुनिया भर में ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन न केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के स्थापना दिवस का प्रतीक है, बल्कि यह पूरी मानवता को अपनी सबसे बड़ी पूंजी—’स्वास्थ्य’—के प्रति सचेत करने का भी अवसर है। वर्ष 2026 में, हम एक ऐसे मोड़…

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मोहन का मंत्रालय: कलेक्टर की ‘रील’ बनाम नेताओं की ‘पील’, मंत्रालय में फाइल की ‘बुलेट ट्रेन’ और सियासी संग्राम

मोहन का मंत्रालय: कलेक्टर की ‘रील’ बनाम नेताओं की ‘पील’, मंत्रालय में फाइल की ‘बुलेट ट्रेन’ और सियासी संग्राम

आशीष चौधरी…. हर मंगलवार कलेक्टर साहब की ‘रील’ बनाम नेताओं की ‘पील’ विंध्य के एक नवागत कलेक्टर साहब इन दिनों ‘मंत्रालय’ से लेकर ‘मेटा’ (फेसबुक-इंस्टाग्राम) तक छाए हुए हैं। साहब जनसुनवाई में ऐसे घुल-मिल रहे हैं कि जनता को उनमें अपना ‘मसीहा’ और नेताओं को अपना ‘प्रतिद्वंद्वी’ नज़र आने लगा है। पुराने जिले में भी…

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नदियों को जीने दो- तभी वे हमें जीवन देंगी

• भूपेन्‍द्र शर्मा / 9893634566 नदियां जीवन का इतिहास हैं, वर्तमान हैं, भविष्‍य भी। स्‍वार्थवश हमने नदियों से नाता तोड़ लिया। हमें सोचना होगा कि नदियां तो हमें जीवन देती हैं और हम उन्‍हें जीने नहीं देते। यदि आने वाली पीढ़ि‍यों के लिए जीवन की फलीफूली विरासत छोड़ना है, तो हमें नदी की तरह सोचना…

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उम्मीद.. रिश्तों के पटरी पर आने की। बांग्लादेश-भारत

बांग्लादेश में ‘तारिक’ युग की शुरुआत: क्या भारत के साथ बहाल होंगे संबंध?

अजय तिवारी, संपादक दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हो चुका है। बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी BNP ने 299 में से 165 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। दशकों तक शेख हसीना के साथ प्रगाढ़ संबंधों के बाद, अब नई दिल्ली के सामने एक नई…

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लोकसभा बहस

बजट सत्र 2026: संसदीय गरिमा पर भारी पड़ी ‘एपस्टीन फाइल्स’ की सनसनी

क्या विदेशी फाइलें तय करेंगी देश का राजनीतिक विमर्श? अजय तिवारी. संपादक संसद के भीतर आज जो दृश्य उभरा, उसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारा लोकतंत्र ‘लोकहित’ से भटककर ‘हेडलाइन हंटिंग’ (सुर्खियां बटोरने) का शिकार हो गया है? बजट सत्र, जो कायदे से देश की तिजोरी के…

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ugc

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026: समानता का संकल्प या नए विवादों की नींव?

अजय तिवारी. संपादक यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा 15 जनवरी 2026 से लागू किए गए नए ‘इक्विटी रेगुलेशन’ ने देश भर के परिसरों में एक नई वैचारिक जंग छेड़ दी है। 2012 के पुराने नियमों को प्रतिस्थापित करते हुए लाए गए इन प्रावधानों का प्राथमिक उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, लिंग और सामाजिक पृष्ठभूमि…

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गणतंत्र दिवस विशेष

गणतंत्र का महापर्व: अधिकारों की हुंकार और कर्तव्यों की पुकार

अजय तिवारी, संपादक26 जनवरी का दिन केवल एक कैलेंडर की तारीख या राष्ट्रीय अवकाश मात्र नहीं होता, बल्कि यह भारतीय लोकतन्त्र की आत्मा के पुनरावलोकन का क्षण होता है। 1950 में आज ही के दिन हमने दुनिया के सबसे व्यापक और प्रगतिशील संविधान को अंगीकार किया था। संविधान ने हमें ‘प्रजा’ से ‘नागरिक’ बनाया और…

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International Education Day

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस: युवा शक्ति, शिक्षा प्रणाली और वास्तविकता

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस विशेष 24 जनवरी 2026 डॉ. प्रितम भि. गेडाम पृथ्वी पर मनुष्य के पास शिक्षा एक ऐसा बेशकीमती मौका है, जो जीवन में हर क्षेत्र, हर उच्च पद, काबिलियत और विकास का जरिया बनता है और हर वह मुकाम हासिल करने के लायक जो मनुष्य चाहता है, यह शिक्षा ही दिलाती हैं। इसके…

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NGT

जहरीली होती हवा और प्रशासन की निष्क्रियता

अजय तिवारी, संपादकनेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की भोपाल बेंच द्वारा मध्य प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति पर जताई गई चिंता केवल एक कानूनी आदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बजती खतरे की घंटी है। मध्य प्रदेश, जो अपनी हरियाली और स्वच्छ वातावरण के लिए जाना जाता…

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आवारा कुत्तों का आतंक और अदालती हंटर: संवेदनशीलता बनाम सुरक्षा की बहस

अजय तिवारी, संपादक सड़कों पर आवारा कुत्तों का मुद्दा अब केवल नगर निगम की फाइलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा संकट बन चुका है। हाल के दिनों में मासूम बच्चों और बुजुर्गों पर कुत्तों के जानलेवा हमलों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इसी पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट…

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ग्रीनलैंड

ग्रीनलैंड अमेरिका विवाद: अमेरिका और यूरोप के रास्ते अलग होंगे?

अजय तिवारी. संपादक इतिहास खुद को दोहराता है, लेकिन कभी-कभी उसकी कीमत बहुत भारी होती है। हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में ‘ग्रीनलैंड’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अमेरिका की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव की चाहत ने यूरोपीय संघ (EU) को एक कड़ा बयान जारी करने पर मजबूर…

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‘कृषक कल्याण वर्ष’: अन्नदाता से ऊर्जादाता तक का सफर

‘कृषक कल्याण वर्ष’: अन्नदाता से ऊर्जादाता तक का सफर

अजय तिवारी. BDC NEWS ‘कृषक कल्याण वर्ष’: मध्यप्रदेश ने एक बार फिर देश के सामने ‘कृषि-प्रधान’ होने का वास्तविक अर्थ प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित करना इस बात का प्रमाण है कि राज्य की समृद्धि का मार्ग खेतों की पगडंडियों से होकर…

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