Headlines
    विशेष: जान न्योछावर कर हासिल की थी हमारे लिए आजादी

    विशेष: जान न्योछावर कर हासिल की थी हमारे लिए आजादी

    BDC News. आलेख प्रभाग भारतीय स्वाधीनता संग्राम केवल अहिंसक आंदोलनों का ही इतिहास नहीं है, बल्कि यह उन महान क्रांतिकारियों के बलिदान और साहस की भी गाथा है, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने का सपना देखा था। इन क्रांतिकारियों ने सशस्त्र क्रांति का मार्ग चुना और…

    Read More
    ट्रंप का टैरिफ: एशिया में बन रहा नया संतुलन.. भारत के लिए चुनौती और अवसर भी

    ट्रंप का टैरिफ: एशिया में बन रहा नया संतुलन.. भारत के लिए चुनौती और अवसर भी

    अजय तिवारी, एडिटर इन चीफ भारत के लिए ट्रंप की यह नीति एक बड़ी चुनौती है, लेकिन साथ ही एक अवसर भी है। अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 50% का अतिरिक्त टैरिफ लगाना इसका सबसे ताजा उदाहरण है। यह कदम भारत पर दबाव बनाने की कोशिश है, ताकि वह रूस से…

    Read More
    विशेष: आजादी के वे तराने जिन्होंने जलाई क्रांति की मशाल

    विशेष: आजादी के वे तराने जिन्होंने जलाई क्रांति की मशाल

    BDC News. आलेख प्रभाग भारत के स्वतंत्रता संग्राम में गीतों और नारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन गीतों ने केवल मनोरंजन ही नहीं किया, बल्कि क्रांति की अलख जगाने, लोगों को एकजुट करने और उनके दिलों में देशभक्ति की ज्वाला भरने का काम भी किया। ये तराने आजादी की लड़ाई के हर चरण में…

    Read More
    विशेष: स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायक: मातंगिनी हाजरा, बाबू गेनू और रानी गाइदिनल्यू की गाथाएं

    विशेष: स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायक: मातंगिनी हाजरा, बाबू गेनू और रानी गाइदिनल्यू की गाथाएं

    भारत की आजादी का इतिहास सिर्फ कुछ महान नेताओं तक ही सीमित नहीं है। ऐसे अनगिनत गुमनाम नायक और वीरांगनाएँ हैं, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया, लेकिन इतिहास के पन्नों में उन्हें वो पहचान नहीं मिली जिसके वे हकदार थे। उनकी कहानियाँ हमें बताती हैं कि आजादी का संघर्ष सिर्फ बड़े शहरों या प्रसिद्ध…

    Read More
    पुस्तकालयों को उन्नत बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग

    पुस्तकालयों को उन्नत बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग

    (राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस विशेष 12 अगस्त 2025) डॉ. प्रितम भि. गेडाम जीवन विकास का मुख्य आधार शिक्षा और उस शिक्षा की मुख्य आधारशिला पुस्तकालय होते है, शिक्षा को सक्षम बनाने में विकसित पुस्तकालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। विश्वभर में पुस्तकालयों ने बेहतर विकास किया है, अब ई-पुस्तकें और सभी प्रकार के ई-साहित्य इंटरनेट के द्वारा…

    Read More
    देश के वीर सैनिकों के बलिदान की तुलना में हम कहां है?

    देश के वीर सैनिकों के बलिदान की तुलना में हम कहां है?

    कारगिल विजय दिवस विशेष 26 जुलाई 2025 लेखक – डॉ. प्रितम भि. गेडाम देश के वीर सैनिक देश का गौरव हैं, जो देश की रक्षा के लिए सदैव कर्तव्य पथ पर तैनात रहते हैं। चाहे कैसी भी आपदा या संकट हो, वे डरते नहीं हैं; चाहे चिलचिलाती धूप हो या खून जमा देने वाली ठंड,…

    Read More
    ये ऑल इंडिया रेडियो है…आवाज जो जोड़ती है, दूरियां मिटाती है

    ये ऑल इंडिया रेडियो है…आवाज जो जोड़ती है, दूरियां मिटाती है

    हमें रेडियो के महत्व की याद दिलाता है – एक ऐसा माध्यम जिसने लाखों लोगों को जोड़ा है, उन्हें शिक्षित किया है, उनका मनोरंजन किया है और उन्हें सूचित रखा है। यह सिर्फ एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक सेतु है जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमें दुनिया से अवगत कराता…

    Read More
    आशा दिवस….  लचीलापन, सकारात्मक दृष्टिकोण का दिन

    आशा दिवस…. लचीलापन, सकारात्मक दृष्टिकोण का दिन

    अजय तिवारी, BDC NEWS अंतर्राष्ट्रीय उम्मीद दिवस (International Day of Hope) एक ऐसा विशेष दिन है जो दुनिया भर में आशा, लचीलापन और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन में कितनी भी चुनौतियां क्यों न आएं, हमें हमेशा बेहतर भविष्य की उम्मीद…

    Read More
    देश का भविष्य बचाना है: नशे के दलदल से बाहर निकलना होगा

    देश का भविष्य बचाना है: नशे के दलदल से बाहर निकलना होगा

    नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस – 26 जून 2025 डॉ. प्रितम भि. गेडाम नशा, जो अक्सर एक छोटे से शौक के रूप में शुरू होता है, अंततः व्यक्ति और समाज दोनों को पूरी तरह से तबाह कर देता है। यह सबसे पहले हमारे मस्तिष्क पर हमला करता है, जिससे…

    Read More
    आपातकाल का काला अध्याय और सियासी बयानबाजी

    आपातकाल का काला अध्याय और सियासी बयानबाजी

    भारत के लोकतंत्र का काला दिन, जब इंदिरा गांधी ने थोपा था आपातकाल। हर साल यह तारीख आती है और अपने साथ लाती है उस दौर की कड़वी यादें, साथ ही राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बयानबाजी। आज ही के दिन, 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल थोप दिया था, जिसने नागरिकों…

    Read More
    मानवीय हस्तक्षेप से दूषित पर्यावरण: जीवसृष्टि के विनाश का कारण

    मानवीय हस्तक्षेप से दूषित पर्यावरण: जीवसृष्टि के विनाश का कारण

    विश्व पर्यावरण दिवस विशेष – 05 जून 2025 डॉ. प्रितम भि. गेडाम सम्पूर्ण ब्रह्मांड में केवल पृथ्वी पर ही जीवन संभव है, क्योंकि यहाँ जीवन के लिए आवश्यक घटकों का बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है। हमारे आस-पास का पर्यावरण मानव विकास में सहयोगी है, लेकिन मनुष्य ने सभी सीमाएं लांघकर उन पर्यावरणीय घटकों को बेहद…

    Read More
    अहिल्याबाई के आलोक में नारी सशक्तिकरण का होगा ‘मोदी दर्शन’

    अहिल्याबाई के आलोक में नारी सशक्तिकरण का होगा ‘मोदी दर्शन’

    ‘देवी अहिल्याबाई महिला सम्मेलन’ में क्या बोलेंगे मोदी! अजय तिवारीदेश के हृदयस्थल मध्यप्रदेश की धरती से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘देवी अहिल्याबाई महिला सम्मेलन’ को संबोधित करना, केवल एक राजनीतिक पड़ाव नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति के अदम्य गौरव और राष्ट्र निर्माण में उनके अप्रतिम योगदान को रेखांकित करने वाला एक युगांतकारी अवसर होगा। लोकमाता…

    Read More
    अहंकार पर नियंत्रण पाकर हम बेहतर और समाधानी जीवन जी सकते

    अहंकार पर नियंत्रण पाकर हम बेहतर और समाधानी जीवन जी सकते

    विश्व अहंकार जागरूकता दिवस विशेष – 11 मई 2025 लेखक – डॉ. प्रितम भि. गेडाम अहंकार मानसिक स्वास्थ्य की ऐसी स्थिति है जो मनुष्य के जीवन के हर पल को प्रभावित करती है। एक हद तक यह प्रेरित करती है, लेकिन लगातार इसके बढ़ने से समस्याओं का अंबार लग जाता है, जो खुद को ही…

    Read More
    पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटकों को निशाना बनाना, शांति के दुश्मनों की कायराना हरकत

    पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटकों को निशाना बनाना, शांति के दुश्मनों की कायराना हरकत

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया बर्बर आतंकी हमला, घाटी में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के प्रयासों पर एक गहरा और दर्दनाक आघात है। यह घृणित कृत्य न केवल निर्दोष आगंतुकों की जान लेता है, बल्कि उस उम्मीद को भी कुचलने का प्रयास करता है जो पर्यटन के फलने-फूलने…

    Read More
    वटवृक्ष

    वटवृक्ष : बागवान की किताब के उलटते-पलटते पन्ने, किरदारों का बदलाव

    अजय तिवारी किताबों की अलमारी में एक किताब पुरानी थी.. लेकिन जिस सलीके से रखी थी, उससे उसकी अहमियत समझ आ रही थी। किताब उठाकर पढ़ना चाहा। कवर पेज विहीन थी, लेखक का भी पता नहीं चल रहा था। बाहर निकाला पन्नों को उलट पलट कर देखा। हर पन्ने में कहने के साहस का अहसास…

    Read More
    मंत्रालय गपशप…. मध्यप्रदेश का राजनीतिक और प्रशासनिक आईना

    मंत्रालय गपशप…. मध्यप्रदेश का राजनीतिक और प्रशासनिक आईना

    पूर्व मंत्री के समर्थकों में अति उत्साह भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की नसीहत के बाद भी भाजपा के स्वयंभू नेता बैनर-पोस्टर की राजनीति या कहें शक्ति प्रदर्शन  से परहेज नहीं कर पा रहे हैं और अपनी ताकत दिखाने के लिए पोस्टर-बैनर का सहारा लेते हैं। जी हम बात कर रहे हैं एक पूर्व मंत्री की…

    Read More
    रोजाना बड़ी मात्रा में स्लो पॉइजन का सेवन

    रोजाना बड़ी मात्रा में स्लो पॉइजन का सेवन

    (विश्व स्वास्थ्य दिवस विशेष 7 अप्रैल 2025) डॉ. प्रितम भि. गेडाम आज के आधुनिक युग में मनुष्य ने जितनी तरक्की की है, उतना ही स्वास्थ्य से खिलवाड़ भी हुआ है और वक्त के साथ यह लगातार बढ़ रहा है, जिसका कारण मनुष्य स्वयं हैं। हृदय रोग, मस्तिष्क आघात, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां तेजी से बढ़…

    Read More
    जल बचाओ… स्वच्छ जल जीवन है, पर बिगड़े तो हाहाकार है

    जल बचाओ… स्वच्छ जल जीवन है, पर बिगड़े तो हाहाकार है

    विश्व जल दिवस विशेष 22 मार्च 2025 डॉ. प्रितम भि. गेडाम जल प्रकृति की सबसे बड़ी देन है क्योंकि संपूर्ण जीव सृष्टि का आधार पानी है, इसके बिना जीवन की कल्पना बेमानी हैं। जल समृद्धता से जंगल, पेड़-पौधे, वन्यजीव समृद्धता बढ़ती है, सबको शुद्ध जल और शुद्ध प्राणवायु मिलती है, ऋतु चक्र, मौसम और प्रकृति…

    Read More
    आधुनिक परिवेश में समाज कार्य दिखावा बनकर ना रह जाए

    आधुनिक परिवेश में समाज कार्य दिखावा बनकर ना रह जाए

    (विश्व समाजकार्य दिवस विशेष 18 मार्च 2025) डॉ. प्रितम भि. गेडाम दुनियाभर के महान समाज सुधारकों का नाम मन में आते ही, हम उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा से भर जाते हैं, क्योंकि उन्होंने लोककल्याण हेतु अपार पीड़ा व कष्ट सहकर और कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए संघर्षपूर्ण जीवन जिया है, उन्होंने खुद की परवाह…

    Read More
    “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त भारत”

    “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त भारत”

    कृष्णा गौर भारतीय संस्कृति में नारी को सदा ही शक्ति, विद्या और सृजन का प्रतीक माना गया है। भारतीय परंपरा का मूल “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” की अवधारणा है। हमारी प्राचीन सभ्यता में गार्गी, मैत्रेयी से रानी चैनम्मा, पुण्यश्लोका रानी अहिल्याबाई होल्कर और वीरांगना लक्ष्मीबाई जैसी नारियों ने न केवल समाज को दिशा…

    Read More