चल बटोही जाने दे… मेरा बागबान ब्रह्मलोक में है… हिसाब होगा
अजय तिवारी, प्रधान संपादक भोपाल डॉट कॉम लंबे समय बाद आया था वटवृक्ष के पास.. जिसकी जटाएं कभी मानव सेवा के लिए उलझती हुईं जमीन की ओर आती थीं और अपनी मजबूती का अहसास कराती थी। वह अब अपने-अपने हिसाब को लेकर एक-दूसरे से अलग होना चाहती थीं। बहुत कुछ घट रहा था, वह कुछ…