पटरी पर लौटेगी जिंदगी, गुनाहगार होंगे दर्ज
… हालातों से डर जाए वो इंसान नहीं…. हालातों से निपट न सके वो इंसान नहीं… हालात के आगे सरकार पंगु हो जाए वो सरकार नहीं… राजनीतिक हिसाब से हालातों की परिभाषा करना अपराध है…. इस अपराध में शामिल होने की लिस्ट लंबी है… हालात तो ठीक हो ही जाएंगे… पर सरकार आप तो बेनकाब…