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बड़ी खबर: भोपाल मंडल का इकलौता स्टेशन संत हिरदाराम नगर बना ‘जंक्शन’, रेलवे ने दी बड़ी सौगात

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भोपाल।
BDC News | bhopalonline.org
संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) को लेकर बड़ी खबर है। यहां के स्टेशन को रेलवे स्टेशन को “जंक्शश’ का दर्जा मिल गया है। पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) मुख्यालय का यह स्टेशन अब ‘संत हिरदाराम नगर जंक्शन’ (Sant Birdaram Nagar Junction) कहलाएगा।

रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना (अग्रिम दर अधिसूचना क्रमांक 1 वर्ष 2026) में कहा गया है नई रेल लाइनों, कॉर्ड लाइन और बायपास लाइनों के शुरू होने के चलते यह निर्णय लिया गया है। इस आदेश के बाद अब संत हिरदाराम नगर स्टेशन के नाम के आगे आधिकारिक रूप से “जंक्शन’ शब्द जुड़ गया है, हालांकि स्टेशन का अल्फाबेटिकल कोड ‘SHRN’ पहले की तरह ही रहेगा।

आदेश में कुल 14 स्टेशन शामिल, भोपाल मंडल से संत नगर एकमात्र

इस सूची में पश्चिम मध्य रेलवे के कुल 14 स्टेशनों को जंक्शन अधिसूचित किया गया है। इसमें भोपाल रेल मंडल (BPL) का संत हिरदाराम नगर एकमात्र स्टेशन है जिसे यह दर्जा दिया गया है। इसके अलावा कोटा मंडल के 3 और जबलपुर मंडल के 10 स्टेशनों को जंक्शन बनाया गया है।

भोपाल मंडल के ये स्टेशन जंक्शन

  • तलवड़िया अब तलवड़िया जंक्शन (TLV)
  • रूठियाई अब रूठियाई जंक्शन (RTA)
  • संत हिरदाराम नगर अब संत हिरदाराम नगर जंक्शन (SHRN)

जबलपुर मंडल के ये स्टेशन बने जंक्शन:

  • कटनी साउथ जंक्शन
  • कटनी मुड़वारा जंक्शन
  • कैमा जंक्शन
  • सगमा जंक्शन
  • बाँसापहाड़ जंक्शन
  • बीना मल्खेड़ी जंक्शन
  • कटंगी खुर्द जंक्शन
  • कछपुरा जंक्शन ।

जंक्शन बनने से क्षेत्र को क्या होगा फायदा?

बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या: जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद आने वाले समय में यहाँ से अन्य रूटों के लिए नई ट्रेनें शुरू होने और कई प्रमुख ट्रेनों के ठहराव (स्टॉपेज) मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
यात्री सुविधाओं का विस्तार: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यहाँ पहले से ही आधुनिकीकरण का काम चल रहा है, अब जंक्शन बनने से नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में और तेजी से विस्तार होगा।
व्यापार और रोजगार को गति: परिवहन और रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय व्यापारियों को माल परिवहन में आसानी होगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

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समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी

हुजूर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले संत हिरदाराम नगर स्टेशन के लिए जंक्शन का दर्जा मिलना बड़ी उपलब्धि है। यह सौगात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक सिद्ध होगी और संतनगर के समग्र विकास को नई दिशा देगी। सुकून है मेरे प्रयासों को सफलता मिली है। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं भोपाल सांसद आलोक शर्मा का आभार व्यक्त करता हूं।
रामेश्वर शर्मा, विधायक हुजूर विस क्षेत्र

चलिए जानते है रेलवे जंक्शन के मायने

‘रेलवे जंक्शन’ वह स्टेशन होता है जहां कम से कम तीन अलग-अलग रेल रुट मिलते हैं। यानी जहां ट्रेनों के रास्ते बदलते हैं, वहां जंक्शन होता है। मसलन इलाहाबाद जंक्शन, मथुरा जंक्शन और विजयवाड़ा जंक्शन प्रमुख हैं।
कैसे तय होता है कि कौन-सा स्टेशन जंक्शन बनेगा

भारतीय रेलवे किसी स्टेशन को ‘जंक्शन’ का दर्जा तब देता है जब वहां से कम से कम तीन दिशाओं में ट्रैक जुड़ते हों। इसके लिए ऑपरेशनल महत्व, ट्रेन ट्रैफिक और यात्रियों की संख्या भी देखी जाती है। जंक्शन पर आम तौर पर रूट डाइवर्जन, गाड़ियों की रीरूटिंग और ट्रेन शंटिंग जैसी तकनीकी गतिविधियां भी होती हैं। यही कारण है कि जंक्शन पर ट्रेनें कुछ देर ज्यादा रुकती हैं ताकि ट्रैक मैनेजमेंट सही ढंग से हो सके।

भारत का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन

भारत का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन मथुरा जंक्शन (MTJ) है। यहां से सात अलग-अलग दिशाओं में रेल मार्ग निकलते हैं, जो इसे देश का सबसे व्यस्त और रणनीतिक जंक्शन बनाते हैं। इसके अलावा, इलाहाबाद, कानपुर, मुगलसराय (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) और इतारसी जंक्शन भी देश के बड़े जंक्शनों में गिने जाते हैं। इन जंक्शनों से रोजाना सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं, जो उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम भारत को आपस में जोड़ती हैं।

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