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ATS की बड़ी कार्रवाई: भोपाल से संदिग्ध मोहम्मद फराज गिरफ्तार, UAPA के तहत मामला दर्ज

ATS की बड़ी कार्रवाई: भोपाल से संदिग्ध मोहम्मद फराज गिरफ्तार, UAPA के तहत मामला दर्ज
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देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में काजी कैंप से हुई गिरफ्तारी, डार्क ऐप और विदेशी कनेक्शन खंगाल रही ATS

भोपाल।
BDC NEWS | bhopalonline.org

भोपाल में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में एक युवक को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद फराज के रूप में हुई है, जिसे शुक्रवार सुबह भोपाल के काजी कैंप इलाके में नन्हें बी की मस्जिद के पास से दबोचा गया। आरोपी स्थानीय स्तर पर एक डॉक्टर के क्लीनिक में काम करता था।

अफगानिस्तान जाने की थी तैयारी, मोबाइल से मिले जिहादी दस्तावेज

शुरुआती जांच और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद फराज कथित तौर पर विशेष ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की फिराक में था। ATS ने कार्रवाई के दौरान उसके मोबाइल को जब्त किया है, जिसमें से पाकिस्तान से भेजे गए कथित जिहादी दस्तावेजी पीडीएफ (PDF) बरामद होने का दावा किया जा रहा है। इनपुट्स के आधार पर एजेंसी उसकी सभी गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है।

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मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग और देवबंद से जुड़े तार

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी शारीरिक रूप से तैयार होने के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी ले रहा था। ATS अब फराज के संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पड़ताल में जुटी है। इस जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के देवबंद मदरसे से जुड़े कुछ संदिग्ध संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी भूमिका को लेकर कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

कोर्ट में पेशी: UAPA और राष्ट्रद्रोह के तहत केस दर्ज

गिरफ्तारी के बाद आरोपी मोहम्मद फराज को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया गया। संदिग्ध गतिविधियों की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) और राष्ट्रद्रोह की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट ने आरोपी को 16 जून तक रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड अवधि के दौरान जांच एजेंसियां स्थानीय नेटवर्क और उसके मददगारों का पता लगाने के लिए पूछताछ करेंगी।

डार्क ऐप और गाजा के समर्थन में आपत्तिजनक टिप्पणी

तकनीकी जांच में सामने आया है कि आरोपी कुछ डार्क ऐप्स के माध्यम से संदिग्ध और प्रतिबंधित ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था। इसके साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स भी रडार पर हैं। प्रारंभिक डिजिटल फॉरेंसिक जांच में यह बात सामने आई है कि उसने गाजा के समर्थन में कई आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की थीं। एजेंसियां फिलहाल उसके डिजिटल रिकॉर्ड, चैट और ऑनलाइन संपर्कों को खंगाल रही हैं।

स्थानीय पुलिस को भी नहीं थी भनक, बेहद गोपनीय ऑपरेशन

सूत्रों की मानें तो ATS का यह पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय रखा गया था। इस कार्रवाई की भनक भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर स्थानीय थाना पुलिस तक को नहीं थी। ATS की विशेष टीम ने इनपुट मिलते ही सीधे दबिश देकर आरोपी को उठा लिया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।



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