महाराष्ट्र। BDC NEWS
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के संभाजीनगर में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए आगामी सितंबर महीने से देशव्यापी ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत CJP के कार्यकर्ता देश के विभिन्न गांवों और शहरों का दौरा करेंगे तथा वहां के युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। पार्टी इस यात्रा के दौरान देश की गंभीर समस्याओं जैसे बढ़ती बेरोजगारी और महंगी होती शिक्षा व्यवस्था को प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनाएगी। अभिजीत दीपके के अनुसार, बेरोजगारी आज के समय में देश की सबसे विकराल समस्याओं में से एक है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा।
चुनावी राजनीति से दूर, एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी CJP
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी पारंपरिक अर्थों में कोई चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी। इसके बजाय, यह देश के लोकतांत्रिक संस्थानों और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त ‘पब्लिक प्रेशर ग्रुप’ के रूप में अपनी भूमिका निभाएगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य आम जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और व्यवस्था में सुधार के लिए दबाव बनाना है।
जंतर-मंतर पर 36 दिनों का ऐतिहासिक आंदोलन और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
गौरतलब है कि हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक मामले के खिलाफ अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक लगातार 36 दिनों तक लंबा धरना-प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही यह आंदोलन समाप्त हुआ था। उस दौरान मंच पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सुनकर अभिजीत दीपके का उत्साह चरम पर पहुंच गया था। इसी सफल और चर्चित आंदोलन के बाद अब CJP ने अपनी पहुंच देश के कोने-कोने तक बढ़ाने की तैयारी कर ली है।
‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के मुख्य मुद्दे और एजेंडा
- महंगी शिक्षा के खिलाफ संघर्ष: पार्टी का मानना है कि देश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की फीस बेतहाशा बढ़ चुकी है, जिससे शिक्षा अब आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है। CJP फीस नियंत्रण और सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने की मांग करेगी। शिक्षा को मुनाफा कमाने का जरिया बनाने वाली व्यवस्था के खिलाफ पार्टी आवाज बुलंद करेगी।
- बेरोजगारी का राष्ट्रीय मुद्दा: देश के युवाओं के बीच रोजगार के अवसरों की कमी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार से रोजगार सृजन के लिए ठोस नीतियां बनाने की मांग की जाएगी।
- संस्थागत जवाबदेही तय करना: चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसे देश के महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक संस्थानों में आम जनता का भरोसा और अधिक मजबूत करने के लिए यह मंच निरंतर दबाव समूह के रूप में कार्य करेगा।
CJP ने की नेशनल वर्किंग कमेटी की घोषणा

संभाजीनगर में घोषणा के दौरान CJP ने अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी (राष्ट्रीय कार्यसमिति) के सदस्यों के नामों की भी आधिकारिक घोषणा कर दी। पार्टी की ओर से यह जानकारी दी गई है कि आगामी छह महीनों के भीतर देश के विभिन्न राज्यों में राज्य समन्वय समितियों (State Coordination Committees) के साथ-साथ लोकसभा और शहर स्तर की समन्वय इकाइयों का गठन किया जाएगा ताकि संगठन का दायरा जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत हो सके।