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मानसून सत्र का हंगामेदार समापन: लोकसभा की कार्यवाही एक मिनट में स्थगित, राज्यसभा में हल्द्वानी के मुद्दे पर गरमागरम बहस

मानसून सत्र का हंगामेदार समापन: लोकसभा की कार्यवाही एक मिनट में स्थगित, राज्यसभा में हल्द्वानी के मुद्दे पर गरमागरम बहस
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लोकसभा की कार्यवाही मात्र एक मिनट में अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली। BDC NEWS|bhopalonline.org

संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही मात्र एक मिनट ही चल पाई। स्पीकर ओम बिरला ने सदन में वंदे मातरम का गान कराया, जिसके तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे। बता दें कि 20 जुलाई से शुरू हुए इस पूरे सत्र के दौरान विपक्ष NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर लगातार हंगामा करता रहा।

लोकसभा में तय समय से करीब 96 घंटे कम हुआ कामकाज

इस मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की कुल 19 बैठकें हुईं। नियमानुसार सदन की सामान्य बैठक सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक होती है, जिसमें एक घंटे का लंच ब्रेक शामिल है यानी प्रतिदिन करीब 6 घंटे कामकाज का समय निर्धारित रहता है। इस हिसाब से 19 बैठकों में लगभग 114 घंटे कार्यवाही होनी चाहिए थी, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 17 घंटे 30 मिनट ही चल सकी। इस प्रकार निर्धारित समय की तुलना में लगभग 96 घंटे 30 मिनट कम कार्यवाही हो पाई। इसके अलावा, पिछले साल का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चला था, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा की 21-21 बैठकें हुईं थीं और लोकसभा में केवल 37 घंटे ही काम हो पाया था।

राज्यसभा में गूंजा हल्द्वानी शुद्धिकरण का मामला

राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके जनसभा को संबोधित करने और वहां से चले जाने के बाद बीजेपी के लोगों ने उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए हवन किया, जबकि उन्होंने अपने भाषण में किसी भी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया था।

जेपी नड्डा का बयान और सभापति की प्रतिक्रिया

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हल्द्वानी की यह घटना बेहद दुखद और अफसोसजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का बिल्कुल समर्थन नहीं करती और वे इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की निश्चित रूप से जांच कराई जाएगी। वहीं, सभापति राधाकृष्णन ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज में छुआछूत जैसी कोई चीज नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह एक पाप है। उन्होंने कहा कि हम सभी शुद्ध हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच करके जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जानी चाहिए।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और संसद में सियासी तनातनी

संसद परिसर में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर संसद में चर्चा करने के लिए स्पीकर को पत्र लिखा। हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष को शाह का “लेक्चर” नहीं चाहिए, बल्कि सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने निराशा जताते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष भाग रहा है, और यदि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार हो तो सत्र की अवधि को भी बढ़ाया जा सकता है।



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