मुंबई। बिजनेस डेस्क
BDC NEWS| bhopalonline,org
सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को मजबूत घरेलू मांग, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी से बड़ा सहारा मिला। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक फीसदी की तेजी आने से बाजार को कुछ दबाव भी झेलना पड़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177.81 अंक (0.22%) की तेजी के साथ 78,676 अंक के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 50 अंक (0.20%) की बढ़त के साथ 24,620 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
फार्मा और आईटी शेयरों में शानदार तेजी
क्षेत्रीय सूचकांकों (Indices) के लिहाज से सोमवार को निफ्टी फार्मा ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और इसमें 0.72 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी500 हेल्थकेयर दोनों में 0.63 फीसदी की तेजी आई। आईटी शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जहां निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम 0.58 फीसदी और निफ्टी आईटी 0.53 फीसदी चढ़े। इनके साथ ही निजी बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। हालांकि, इसके विपरीत कुछ सेक्टरों पर दबाव भी दिखा, जिसमें निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.27% गिरकर) सबसे कमजोर सेक्टर रहा, और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
पहली तिमाही के बेहतर नतीजों से मजबूत हुआ बाजार का रुख
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार का कुल रुझान फिलहाल हल्का सकारात्मक बना हुआ है। इसकी मुख्य वजह कंपनियों के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे और देश में मजबूत घरेलू मांग का होना है। कमाई का यह सीजन अब अपने अंतिम चरण में है और ज्यादातर कॉरपोरेट घरानों ने अनुमान से बेहतर आय वृद्धि दर्ज की है, जिससे निवेशकों का भरोसा काफी मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग के दम पर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे में अच्छी वृद्धि जारी रहने की पूरी उम्मीद है।
इन सेक्टरों पर निवेशकों की बनी रहेगी खास नजर
विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बावजूद बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेटल और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियां अपेक्षाकृत काफी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। हालांकि, कमजोर मानसून बाजार के लिए अभी भी एक चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि देश के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। हालांकि, जुलाई के महीने में बारिश में सुधार होने से इस कमी के असर को कुछ हद तक कम करने में मदद जरूर मिली है।
विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से मिला संबल
भारतीय शेयर बाजार के लिए एक अन्य सबसे सकारात्मक संकेत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का सकारात्मक रुख रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने जुलाई के पूरे महीने में भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदार की भूमिका निभाई है और अगस्त में भी अब तक के अधिकांश कारोबारी दिनों में उनकी यह खरीदारी जारी है। इससे बाजार में विदेशी पूंजी का निरंतर प्रवाह बना हुआ है, जो निवेशकों के मनोबल को लगातार समर्थन दे रहा है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बनीं चिंता का सबब
दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेजी ने निवेशकों की कुछ चिंताएं बढ़ा दी हैं। ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ 84.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.59 फीसदी चढ़कर 79.43 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। गौरतलब है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर हैं।
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