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World Press Freedom Day  : जान तक खतरे में डालकर सूचनाएं पहुंचाते हैं पत्रकार

World Press Freedom Day : जान तक खतरे में डालकर सूचनाएं पहुंचाते हैं पत्रकार

रंजीत अहिरवार, ब्यूरो दमोहआज के समय में लोगों को घर बैठे ही देश-दुनिया की तमाम जानकारियां मिल जाती हैं। लेकिन क्या आपने सोचा है कि ये सूचनाएं लोगों तक कौन पहुंचाता है। तो जवाब है, पत्रकार। जिसको लेकर उनको काफी मेहनत करनी पड़ती है। कई बार तो ऐसा होता है कि उनके जान पर भी…

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दुख में ढूंढ रहे व्यापार? शोक संदेशों का शुल्क वसूलना कितना उचित है?

दु:ख में ढूंढ रहे व्यापार? शोक संदेशों का शुल्क वसूलना कितना उचित है?

शोक संदेश ये शब्द सुनते ही मन में उदासी छा जाती है। किसी प्रियजन के निधन की खबर सुनकर हम सब दुखी होते हैं और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। ऐसे में शोक संदेश और पगड़ी रस्म की सूचनाएं प्रकाशित करवाना एक महत्वपूर्ण काम बन जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है…

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बजरंगबली से सी‍खें पर्सनेलिटी डेवलपमेंट

बजरंगबली से सी‍खें पर्सनालिटी डेवलपमेंट

🌹हनुमान जयंती विशेष 🌹 राजेन्द्र सक्सेना Hanuman Jayanti : मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के सर्वोत्तम सेवक, सखा, सचिव और भक्त श्री हनुमान थे। जहां भी श्रीराम की आराधना होती है, हनुमान का स्मरण अपने आप हो आता है। वे सद्गुणों के भंडार थे। उनकी पूजा पूरे भारत और दुनिया के अनेक देशों में इतने अलग-अलग तरीकों…

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Ayurveda-allopathy conflict is old

Article : आयुर्वेद-एलोपैथी द्वंद्व पुराना है

@ भूपेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार9893634566 Ayurveda-Allopathy : आयुर्वेद-एलोपैथी का द्वंद्व प्राचीन समय से चला आ रहा है। आधुनिक संस्कृति की अवधारणा आरंभ से ही आयुर्वेद एवं धर्म को जोड़कर देखती है। 16वीं सदी में पुर्तगाली व्यापार करने के लिए भारत आते थे।‌ पुर्तगालियों को भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद की न तो जानकारी थी एवं न…

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Article : ई-पुस्तकों तक पहुंच आसान, पर पढ़ने का सुकून मुद्रित पुस्तकों से

Article : ई-पुस्तकों तक पहुंच आसान, पर पढ़ने का सुकून मुद्रित पुस्तकों से

(विश्व पुस्तक एवं प्रकाशनाधिकार दिवस विशेष – 23 अप्रैल 2024) डॉ. प्रितम भि. गेडाम विश्व ज्ञान, आत्मीय शांति, योग्य मार्गदर्शन, समय का सदुपयोग, प्रेरणा, प्रोत्साहन, मददगार, समस्याओं का हल, नवचेतना, नवनिर्मित, जागरूकता, अद्यतन, बेहतर साथी, सफलता, गुरु, सलाहकार जैसे अनेक मूल्यवान गुणों का सार होती है पुस्तकें। आज के आधुनिक युग में यांत्रिक साधनों ने दुनिया…

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Top 10 Monuments of India: भारतीय धरोहर की  एक झलक

Top 10 Monuments of India: भारतीय धरोहर की एक झलक

Top 10 Monuments of India : भारत, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है, जो शानदार स्मारकों की एक भरपूर संख्या को अपने व्यापक इतिहास के शानदार प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करता है। आइए, हम Top 10 monuments of India को नजदीक से देखें जो दुनियाभर के दर्शकों को…

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Bhim Rao Ambedkar ‘ हम सबसे पहले और अंत में भारतीय हैं’

Bhim Rao Ambedkar ‘ हम सबसे पहले और अंत में भारतीय हैं’

विशेष :14 अप्रैल, डॉ. अंबेडकर जयंती भूपेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार Bhim Rao Ambedkar : ‘हम सबसे पहले और अंत में भारतीय हैं, डॉ. बीआर अंबेडकर कहते थे। बाबा साहब ऐसे पहले और अभी तक के आखिरी भारतीय हैं, जिन्होंने धर्म, संस्कृति, समाज एवं राष्ट्र की उस राग और राह के जोशीले सुर छेड़े थे, जो…

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सिंधी बंधुओं, बदलाव यूं नहीं होगा, अधिकार ऐसे नहीं मिलेंगे

सिंधी बंधुओं, बदलाव यूं नहीं होगा, अधिकार ऐसे नहीं मिलेंगे

सिंधी सम्मेलनों में चिंता बेमानी, यह बातों का नहीं कुछ करने का वक्त अजय तिवारी, भोपाल सिंधी समाज के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की बात लंबे समय से हो रही है। कभी राजधानी भोपाल में जमावड़ा होता है, कभी यहां-कभी वहां यानी देशभर में अलग-अलग संगठन ‘इंकबाल जिंदाबाद’ का दम भर चुके हैं।…

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डगमगाती सियासी आस्थाओं का दौर.. पचौरी यूं ही नहीं गए भाजपा में

डगमगाती सियासी आस्थाओं का दौर.. पचौरी यूं ही नहीं गए भाजपा में

अजय तिवारी. भोपाल डॉट कॉमचुनाव से पहले राजनीतिक आस्थाओं का डगमगाना नई बात नहीं है। ताकतवर सियासी दल में खड़ा होना राजनीतिक समझदारी है। किसी ने क्या खूब कहा है- राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुमन नहीं होता। मौके का फायदा उठाने में ही समझदारी होती है। दशकों तक कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े…

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चरम उत्कर्ष काल.. बीजेपी का हर फैसला सही!

चरम उत्कर्ष काल.. बीजेपी का हर फैसला सही!

अजय तिवारी, भोपाल डॉट कॉमसांसदों को विधायक का चुनाव लड़ना। विधायकों को सांसद का चुनाव लड़ना। किसी पार्टी की बहुमत के लिए रणनीति हो सकती है, लेकिन उपचुनाव और उस पर होने वाले खर्चे के लिए जिम्मेदार कौन? इस सवाल का जवाब कुछ भी दिया जाए पर बेमानी होगा। इस तरह का प्रयोग मौजूदा राजनीति…

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सिंधी समाज.. सिंधु नदी और आडवाणी

सिंधी समाज.. सिंधु नदी और आडवाणी

पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने के ऐलान से देश के समूचे सिंधी समाज में हर्ष की लहर व्याप्त हो गई है। आडवाणी ने सिंधी समाज में राष्ट्र बोध, देश प्रेम जागते हुए उन्हें सांस्कृतिक एकता के लिए भी प्रेरित किया। उनमें राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना से…

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वृटवृक्ष की छांव को भेद रहा, धूप का झुलसाने वाला मिजाज

वृटवृक्ष की छांव को भेद रहा, धूप का झुलसाने वाला मिजाज

अजय तिवारी वटवृक्ष से संवाद के लिए लंबे अर्से बाद पहुंचा था। तूफान के पहले की खामोशी थी, हो भी क्यों न, जो छांव में से धूप झांक रही थी। छांव की तलाश में नीचे खड़े लोग तपिश का अहसास कर रहे थे। कुछ देर शांत खड़ा रहने के बाद वटवृक्ष से संवाद की शुरूआत…

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वृटवृक्ष की छांव को भेद रहा, धूप का झुलसाने वाला मिजाज

वटवृक्ष की “छाया”… गुजरते कारवां के गुबार में घिरी

अजय तिवारीसांझ ढल रही है… सुबह से शाम तक का सफर करते हुए बहुत चकाचौंध देखी है। धीरे-धीरे सूरज पश्चिमांचल में अस्त हो रहा है। आसमान में अभी लालिमा नजर आ रही है, लेकिन जल्द ही गहरे अंधेरे का सफर शुरू होगा। मेरी छाया अंधेरे में भी नजर आएगी। मेरे आसपास गहरा सन्नाटा होगा, बैठे…

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संध्या काल.. वटवृक्ष की खामोशी.. नई सुबह से उम्मीद

संध्या काल.. वटवृक्ष की खामोशी.. नई सुबह से उम्मीद

आसमान की उड़ान भरने के बाद लौटे “पक्षियों” की हल्की होती आवाज शाम का वक्त था… शहर वहीं था. वटवृक्ष शांत था, ठीक शाम की तरह। सुबह आसमान छूने की उड़ान भरने वाले “पक्षी” भी लौट आए थे। सोचा, कुछ वक्त रूककर वट वृक्ष से बात कर लूं। पूछ लूं.. दोपहरी में छाया की उम्मीद…

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विश्‍व कल्‍याण के लिए बेटियों का आगे बढ़ना आवश्‍यक

विश्‍व कल्‍याण के लिए बेटियों का आगे बढ़ना आवश्‍यक

-भूपेन्‍द्र शर्मा, वरिष्‍ठ पत्रकार रीवा, मध्य प्रदेश की अवनि चतुर्वेदी ने मिग लड़ाकू विमान उड़ाकर बेटियों की आसमानी उड़ान में चार चांद लगा दिए। फि‍रोजपुर, पंजाब की 12वी कक्षा की छात्रा भजनप्रीति कौर ने पराली को खाद में बदलने का फार्मूला तैयार राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार जीता है। नेपाल में कन्‍याओं को देवी के रूप में पूजे…

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ना खाऊंगा ना खाने दूंगा

ना खाऊंगा ना खाने दूंगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा ” ना खाऊंगा ना खाने दूंगा” इन दिनों मध्यप्रदेश राज्य मंत्रालय में छाया हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी के इस नारे का जिक्र करते हुए एक पर्चा रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों ने जारी किया है। इस पर्चे में ऐसी कई अपुष्ट जानकारियां हैं जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को की गई। पर्चे…

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आदर्श मार्ग  नहीं बन सका “आइडल”

आदर्श मार्ग नहीं बन सका “आइडल”

अजय तिवारी ——- ताजा जनप्रतिनिधि और फेस बुक – आदर्श मार्ग तो आइडल नहीं बन सका, लेकिन उसके लिए कारोबार खोने वाले विस्थापित दुकानदार अब तक ठिकाने की बाट जोह रहे हैं। हर दरवाजे पर दस्तख दी, सुनवाई नहीं हुई। नया दरबार बना तो उसके पास भी पहुंच गए अर्जी लेकर। सुनवाई होगी या नहीं…

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एक नगर है…. वक्त होत बलवान

एक नगर है…. वक्त होत बलवान

अजय तिवारीकल की ही तो बात है… जब खामोशी से वो जिंदगी गुजर बसर कर रहा था। सब कुछ बिना शोर शराबे के चल रहा था। वक्त बदला- चाहने वाले बढ़े, मित्र मंडल भी तैयार हो गया। शहर सज गया, शहनाइयां बज उठीं। उससे मिलने का रूख न करने वाले बेहद खास हो गया। वैसे…

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हिन्दी दिवस: राजभाषा तो बनी राष्ट्रभाषा न बनने की टीस

हिन्दी दिवस: राजभाषा तो बनी राष्ट्रभाषा न बनने की टीस

आशा तिवारी हिन्दी दिवस (14 सितंबर) हिन्दी दिवस (14 सितंबर) दिन है, भाषा के राजभाषा का दर्जा हासिल करने का जिसमें हिंदी के राष्ट्र भाषा न बनने की टीस भी है। एक दिन, एक सप्ताह और पखवाड़े तक कर्मकांड की तरह आयोजन होते हैं। वातानुकूलित कक्षों में हिंदी के उत्थान के ईमानदार कोशिशों का संकल्प…

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एक नगर है…. अब वट वृक्ष के नीचे लगने लगी है हाट

एक नगर है…. अब वट वृक्ष के नीचे लगने लगी है हाट

समझ सको तो समझो बात है खरी…. फैसला करने वाले खुद दूसरी चौखट पर अजय तिवारीवटवृक्ष का धर्म रोग निवारण है। उसके पत्ते, फल और छाल बीमारियों को दूर करने में सहायक होते हैं। वटवृक्ष की पत्तियां ऑक्सीजन देती हैं। वृक्ष दिन में 20 घंटे से ज्यादा समय तक ऑक्सीजन देता है। पत्तों से निकलने…

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