डगमगाती सियासी आस्थाओं का दौर.. पचौरी यूं ही नहीं गए भाजपा में
अजय तिवारी. भोपाल डॉट कॉमचुनाव से पहले राजनीतिक आस्थाओं का डगमगाना नई बात नहीं है। ताकतवर सियासी दल में खड़ा होना राजनीतिक समझदारी है। किसी ने क्या खूब कहा है- राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुमन नहीं होता। मौके का फायदा उठाने में ही समझदारी होती है। दशकों तक कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े…