नई दिल्ली/भोपाल।
BDC News | bhopalonline.org
मई का महीना आधा बीतते ही देश के बड़े हिस्से में सूर्यदेव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक भीषण गर्मी और चुभती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दोपहर के वक्त गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों के कारण सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और जमीन भट्टी की तरह तप रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज, 19 मई को देश के कई राज्यों में ‘गंभीर लू’ (Severe Heatwave) चलने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है।
देश के कई राज्यों में पारा 48 डिग्री के पार, रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्य सबसे ज्यादा तप रहे हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ सुदूर इलाकों में पारा 46 से 48 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है।
- तेज धूप के साथ चल रही पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों को लू की चपेट में ले लिया है।
- IMD ने इन राज्यों के लिए अगले 48 घंटों का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे फिलहाल गर्मी से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।
मध्य प्रदेश का हाल: 55 में से 31 जिलों में लू का शिकंजा
मध्य प्रदेश में भी नौतपा से पहले ही नौतपा जैसे हालात बन गए हैं। राज्य में गर्मी का प्रकोप बेहद तेज है, जिसके चलते सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
- 31 जिलों में अलर्ट: मौसम विभाग ने प्रदेश के कुल 55 जिलों में से 31 जिलों में तीव्र लू (Heatwave) चलने की आधिकारिक चेतावनी जारी की है।
- तापमान का अनुमान: विदिशा, रायसेन, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, सागर और रीवा समेत कई प्रमुख जिलों में आज और कल (19-20 मई) तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
- दोपहर में कर्फ्यू जैसे हालात: दिन के समय चलने वाली तेज गर्म हवाओं और झुलसाने वाली धूप के कारण लोग दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बच रहे हैं।
राहत की खबर: सही समय से पहले केरल पहुंचेगा मानसून
इस रिकॉर्डतोड़ और दमघोंटू गर्मी के बीच मौसम विज्ञान विभाग ने आम जनता और किसानों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर भी साझा की है।
- 26 मई को केरल में दस्तक: आईएमडी (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) अपने तय समय से थोड़ा पहले यानी 26 मई 2026 को केरल के तट पर दस्तक दे सकता है।
- अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में स्थितियां अनुकूल होने के कारण मानसून की रफ्तार अच्छी बनी हुई है।
उत्तर और मध्य भारत को कब मिलेगी राहत?
भले ही केरल में मानसून मई के आखिरी हफ्ते में आ रहा है, लेकिन दिल्ली, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे उत्तर व मध्य भारतीय राज्यों को राहत के लिए थोड़ा और सब्र करना होगा।
जून के आखिर तक इंतजार: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की लहरों को मध्य और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक पहुँचने में वक्त लगता है। इसलिए भोपाल, इंदौर, दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में मानसून की फुहारों और परमानेंट राहत के लिए जून के आखिरी सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ेगा। तब तक लोगों को लू और उमस भरी गर्मी का सामना करना होगा।