संतनगर की चौपाल
तन, मन, धन अब और नहीं, बदल गए महानुभाव सब कुछ भुलाकर जुटे थे समाजसेवा में। चाहे समाजसेवा हो, राजनीति, पर्यावरण स्वच्छता के लिए तो क्या नहीं किया। अब यू टर्न ले लिया है, अपनी पुरानी जिंदगी में लौट गए हैं। पहले चर्चा ए खास होते थे। अब खास मौकों पर नजर नहीं आ रहे…