गिरीश कुमार.
BDC NEWS | bhopalonline.org
आधुनिक जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी आम होती जा रही है। इनमें सबसे खतरनाक है विटामिन B12 (Cobalamin) की कमी। यह एक ऐसा अनिवार्य पोषक तत्व है जो शरीर के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को दुरुस्त रखने और लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाता है। यदि समय रहते इसके लक्षणों को पहचानकर उपचार न किया जाए, तो इसके परिणाम घातक और अपरिवर्तनीय (Irreversible) हो सकते हैं।
विटामिन B12 की कमी के घातक परिणाम
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन B12 की लंबे समय तक कमी शरीर के कई अंगों को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचा सकती है…
तंत्रिका तंत्र (Neurological) को स्थायी क्षति
B12 की कमी का सबसे बुरा असर नसों पर पड़ता है। माइलिन (Myelin) नामक सुरक्षा कवच, जो नसों की रक्षा करता है, इस विटामिन के बिना नष्ट होने लगता है। इससे हाथों-पैरों में झनझनाहट, सुन्नता और चलने-फिरने में संतुलन खोने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। गंभीर मामलों में यह पैरालिसिस का कारण भी बन सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य और डिमेंशिया:
इस विटामिन की कमी सीधे तौर पर मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। भ्रम (Confusion), याददाश्त में कमी, चिड़चिड़ापन और अवसाद (Depression) इसके शुरुआती संकेत हैं। बुजुर्गों में यह स्थिति ‘डिमेंशिया’ या ‘अल्जाइमर’ जैसे गंभीर रोगों का भ्रम पैदा कर सकती है।
पर्निसियस एनीमिया (Pernicious Anemia)
शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होने से एनीमिया हो जाता है। इससे हृदय की धड़कन तेज होना, हर वक्त थकान महसूस होना और सांस फूलने जैसी समस्याएं होती हैं। यदि उपचार न मिले, तो यह हार्ट फेल्योर का जोखिम भी बढ़ा सकता है।
दृष्टि हानि (Optic Neuropathy):
विटामिन B12 की भारी कमी आंखों की नसों (Optic Nerve) को नुकसान पहुँचा सकती है, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है और कुछ मामलों में यह अंधेपन का कारण भी बन सकता है।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा?
- शाकाहारी लोग: विटामिन B12 मुख्य रूप से मांसाहारी खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, इसलिए शुद्ध शाकाहारियों में इसकी कमी की संभावना 70% से अधिक होती है।
- बुजुर्ग: उम्र बढ़ने के साथ शरीर के लिए भोजन से B12 सोखना (Absorption) कठिन हो जाता है।
- गैस्ट्रिक समस्या वाले मरीज: जिन्हें पाचन संबंधी बीमारियां हैं या जिनकी पेट की सर्जरी हुई है।
बचाव और विशेषज्ञीय सलाह
डॉक्टरों का मानना है कि विटामिन B12 की कमी को डाइट और सप्लीमेंट्स के जरिए आसानी से दूर किया जा सकता है। शाकाहारी लोग अपने आहार में दूध, दही, पनीर, और फोर्टिफाइड अनाज शामिल करें। यदि लक्षण गंभीर हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन B12 के इंजेक्शन या टैबलेट लेना अनिवार्य है।
चेतावनी: बिना डॉक्टरी परामर्श के विटामिन सप्लीमेंट्स का सेवन न करें, क्योंकि शरीर में इसकी अधिकता या अन्य दवाओं के साथ इसका रिएक्शन हानिकारक हो सकता है।
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