संतनगर की चौपाल
रितेश कुमार जो खर्चा करता है, वह चर्चा में रहता है वह चर्चाओं में रहता है, जो खर्चा करता है। अर्थ का प्रवाह बंद होते ही वह चर्चाओं से बाहर हो जाता है। कुछ समय पहले तक हर रोज अखबारों में तस्वीरों और नाम के साथ नुमायां होने वाले इन दिनों नजर नहीं आ रहे…