हाइलाइट्स
- फसल और भावांतर: सरसों को भावांतर योजना में शामिल करने का प्रस्ताव। सोयाबीन और उड़द पर बोनस का लाभ।
- मंडी विकास: बड़वानी में आधुनिक और खेतिया में ‘आदर्श’ कृषि उपज मंडी बनेगी।
- सिंचाई परियोजनाएं: बड़ला और पानसेमल परियोजनाओं को मंजूरी, हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
- किसान कल्याण: 27,746 करोड़ रुपये का वित्तीय भार। ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित।
- प्राकृतिक खेती: बड़वानी के 25 किसान बनेंगे मास्टर ट्रेनर। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा।
- सांस्कृतिक पहचान: आदिवासी उत्सव ‘भगोरिया’ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल।

बड़वानी|BDC News|bhopalkonline.org
मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित भिलटदेव शिखरधाम में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की खास बात यह रही कि मंदिर परिसर के समीप 8 एकड़ के उद्यान को एक ‘अस्थायी मंत्रालय’ का स्वरूप दिया गया, जहाँ मुख्यमंत्री सहित करीब 25 मंत्रियों ने कृषि कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष‘ के रूप में मनाया जाएगा, जिसके लिए कुल 38 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रमुख आर्थिक फैसले और फसल प्रोत्साहन
कृषि कैबिनेट में किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 27 हजार 746 करोड़ रुपये के वित्तीय भार वाले विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब सोयाबीन के साथ-साथ सरसों की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, उड़द की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की शुरुआत की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि उसे उसकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य भी प्राप्त हो।
सिंचाई और बुनियादी ढांचे का विस्तार
निमाड़ और मालवा अंचल की प्यास बुझाने के लिए कैबिनेट ने दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। 1208 करोड़ रुपये की पानसेमल सिंचाई परियोजना से 53 गांवों की 22,500 हेक्टेयर भूमि और 861 करोड़ रुपये की बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना से 15 गांवों की 15,500 हेक्टेयर भूमि को नर्मदा का जल मिलेगा। बुनियादी ढांचे की बात करें तो बड़वानी में एक आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी का निर्माण किया जाएगा, जबकि खेतिया की मंडी को ‘आदर्श मंडी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, बजट्टा खुर्द को बीज निगम के तहत एक आदर्श केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है।
प्राकृतिक खेती और सांस्कृतिक विरासत
मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने रासायनिक खेती छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। इसकी शुरुआत के लिए बड़वानी के 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा, जिन्हें प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर भेजा जाएगा। बैठक में केवल कृषि ही नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति पर भी ध्यान दिया गया। निमाड़ के पारंपरिक ‘भगोरिया’ उत्सव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने और भिलटदेव स्थल को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजाति लोक उत्सव भगोरिया के अवसर पर बड़वानी के नागलवाड़ी में भीलट देव आख्यान केंद्र का लोकार्पण किया।
- हेपेटाइटिस बदल रहा है लिवर सिरोसिस में? पहचानें ये शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

- आमरस पूरी रेसिपी : गर्मियों में बनाएं बिल्कुल पारंपरिक और फूली-फूली आमरस-पूरी, जानें सीक्रेट टिप्स

- MP Nautapa Live Updates: नौतपा का प्रचंड आगाज ; सतना-छतरपुर सहित 5 जिलों में ‘तीव्र लू’ का रेड अलर्ट

- MP Fuel Price Hike : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल ; जानें भोपाल-इंदौर सहित बड़े शहरों के नए रेट्स

- Share Market Update : शेयर बाजार में बंपर उछाल, सेंसेक्स 800 अंक उछला; रुपया भी हुआ मजबूत

- Gold-Silver Price Today: खरीदने से पहले चेक करें भोपाल सहित बड़े शहरों के रेट्स

- 25 मई 2026 का पंचांग: गंगा दशहरा पर शुभ मुहूर्त और राहुकाल; जानें मेष से मीन तक का राशिफल व मूलांक फल

- अब न्याय की तराजू पर ‘ट्विशा शर्मा’ माैत

