वॉशिंगटन डीसी। तेहरान।
BDC NEWS | bhopalonline.org
चार महीने के तनाव के बाद, अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार शांति समझौता हो गया है। दोनों देशों ने युद्ध पर पूर्ण विराम लगाने का निर्णय लिया है और 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस डील पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।
डील की मुख्य बातें
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से खोल दिया गया है और अब यह पूरी तरह से टोल-फ्री होगा। प्रेसिडेंट ने अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अपना संचालन शुरू करने का निर्देश दिया है और अमेरिकी नौसैनिकों को ब्लॉकेड हटाने का आदेश दिया है। इस डील का ऐलान सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्वीट के जरिए किया था, जिसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर इसकी पुष्टि की। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी।
क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर का वैश्विक बाजार पर तुरंत असर दिखा है:
- कीमतों में गिरावट: क्रूड ऑयल में लगभग 5% की गिरावट देखी गई है और यह 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। युद्ध के दौरान यह 125 डॉलर के पार पहुंच गया था, यानी तब से अब तक इसमें 40 डॉलर की कमी आई है।
- आपूर्ति में सुधार: कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस स्ट्रेट के खुलने से वैश्विक बाजार में 20 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल और एलएनजी (LNG) की आपूर्ति बहाल होगी, जो दुनिया की कुल खपत का लगभग 20% है।
- भविष्य का अनुमान: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल 70-75 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में आ सकता है।
सोना-चांदी में उछाल
क्रूड ऑयल के विपरीत, सोना और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इसके पीछे के प्रमुख कारण हैं:
- महंगाई का डर कम होना और अर्थव्यवस्था के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होना।
- डॉलर इंडेक्स का 100 के नीचे फिसलना, जिससे कीमती धातुओं को मजबूती मिल रही है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?
भारत की आर्थिक स्थिरता के लिए यह डील बेहद अहम मानी जा रही है:
- ऊर्जा सुरक्षा: भारत अपने कुल क्रूड ऑयल आयात का 60% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए प्राप्त करता है, इसलिए इसका खुलना भारत के लिए एक बड़ी राहत है।
- मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता: कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक होर्मुज स्ट्रेट के कारण ऑयल और गैस की कीमतों में अस्थिरता से भारत की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता प्रभावित हो रही थी।
- महंगाई और ग्रोथ: इससे महंगाई बढ़ने, विकास दर घटने और राजकोषीय स्थिति (Fiscal Position) पर बने खतरों को कम करने में मदद मिलेगी।
- बैरागढ़ में 12 साल की बच्ची की जघन्य हत्या, रेप की आशंका पर थाने के बाहर हंगामा और तोड़फोड़

- नवरात्रि : सिंध जीव सेवा कल्याण समिति बांट रही महाप्रसाद, 11 स्थानों पर सेवा जारी
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे का बड़ा प्रदर्शन

- सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा: उज्जैन से अयोध्या तक 1000 किमी का सफर

- Saptahik Rashifal 5 to 11 October 2026: जानिए मेष से मीन तक का साप्ताहिक राशिफल

- एशियन गेम्स 2026: भारत का शानदार अभियान 21 गोल्ड और 85 पदकों के साथ समाप्त

- बागमगुलिया: प्रोस्पेरा सोसाइटी में गणेशजी की मनोहारी प्रतिमा की स्थापना

- हनुमान अंश 200 करोड़ क्लब के करीब, 34वें दिन भी सिनेमाघरों में बरकरार है दबदबा




