Headlines

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘निजी परिसर में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर टैक्स नहीं’

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘निजी परिसर में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर टैक्स नहीं’
👁️ 33 Views

नई दिल्ली: BDC News ब्यूरो

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई वाहन सार्वजनिक स्थान पर उपयोग में नहीं आता है, तो उसके मालिक पर उस अवधि के लिए मोटर वाहन कर का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह फैसला आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के दिसंबर 2024 के फैसले को चुनौती देने वाली एक अपील पर सुनाया।

क्या है मोटर वाहन कर का औचित्य?

शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मोटर वाहन कर प्रतिपूरक प्रकृति का होता है। इस कर को लगाने का मुख्य औचित्य यह है कि जो व्यक्ति सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, जैसे सड़क और राजमार्ग, का उपयोग करता है, उसे इसका भुगतान करना चाहिए। इसलिए, अगर कोई मोटर वाहन ‘सार्वजनिक स्थान’ पर उपयोग नहीं हो रहा है, तो उस पर इस तरह का कर नहीं लगाया जा सकता।

कोर्ट ने बताया कि आंध्र प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1963 की धारा 3 के तहत कर लगाने का प्रावधान है, जो राज्य सरकार को मोटर वाहनों पर कर लगाने का अधिकार देता है।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला 1985 से रसद सहायता के व्यवसाय में लगी एक फर्म से जुड़ा है। फर्म को नवंबर 2020 में विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की एक इकाई) के केंद्रीय डिस्पैच यार्ड में लौह और इस्पात सामग्री के संचालन और भंडारण का अनुबंध मिला था। इस दौरान, कंपनी ने परिसर के अंदर 36 मोटर वाहनों का उपयोग किया।

कंपनी ने कोर्ट को बताया कि केंद्रीय डिस्पैच यार्ड एक चारदीवारी से घिरा हुआ है और इसमें प्रवेश-निकास उन द्वारों से होता है जहाँ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान तैनात रहते हैं। आम नागरिकों को वहां जाने की अनुमति नहीं है।

जब कंपनी के वाहन इस निजी परिसर में इस्तेमाल हो रहे थे, तो उन्होंने आंध्र प्रदेश प्राधिकरण से मोटर वाहन कर के भुगतान से छूट की अपील की। मामला उच्च न्यायालय पहुंचा, जिसने कंपनी को राहत देते हुए राज्य प्राधिकरण को ₹22,71,700 वापस करने का निर्देश दिया। प्राधिकरण ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन शीर्ष न्यायालय ने भी उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *