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मुलाकात बेनतीजा: इस्लामाबाद में 21 घंटे तक क्या हुआ? जानें लेबनान और हॉर्मुज पर क्यों फंसा पेंच LIVE

बेवजह का जमावड़ा.. अड़ना था तो क्यों मिले ईरान-अमेरिका BDC NEWS बेवजह का जमावड़ा.. अड़ना था तो क्यों मिले ईरान-अमेरिका BDC NEWS
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इस्लामाबाद|
BDC News | bhopalonlie.org


“इस्लामाबाद का जिन्ना कन्वेंशन सेंटर… जहां पिछले 21 घंटों से पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं। उम्मीद थी कि दशकों पुरानी दुश्मनी आज खत्म होगी, लेकिन नतीजा वही रहा—सस्पेंस और गतिरोध!

जी हां, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई महा-वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई है। 21 घंटे तक चली मैराथन बैठकों के बाद भी पेंच वहीं फंसा है, जहां से शुरू हुआ था।

लेकिन सवाल है कि आखिर बात क्यों नहीं बनी?

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अंदरूनी सूत्रों की मानें तो मेज पर दो ऐसी शर्तें थीं, जिस पर कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं था। पहला मुद्दा था— हॉर्मुज जलडमरूमध्य। ईरान ने साफ कह दिया कि इस समुद्री मार्ग की चाबी उसके पास रहेगी, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दो टूक जवाब दिया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्तों पर किसी की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दूसरा बड़ा रोड़ा बना— लेबनान और हिजबुल्लाह। ईरान लेबनान में तुरंत सीजफायर चाहता था, लेकिन अमेरिका की शर्त थी कि पहले हिजबुल्लाह को निहत्था करने का रोडमैप दिया जाए।

खबर है कि बातचीत के दौरान कई बार माहौल इतना गर्म हुआ कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची बैठक बीच में छोड़कर बाहर निकल गए। पाकिस्तान के मध्यस्थों ने मोर्चा संभाला और घंटों की मशक्कत के बाद उन्हें वापस मेज पर लाए। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह फ्रीज करने की मांग दोहराई, तो ईरान ने अपनी फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्ति और सुरक्षा गारंटी पर जोर दिया।

अब आगे क्या?

फिलहाल वार्ता टूटी नहीं है, बल्कि ‘स्थगित’ हुई है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन लौट रहा है ताकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ब्रीफ कर सके। उधर, ईरान का प्रतिनिधिमंडल सर्वोच्च नेता को रिपोर्ट सौंपेगा। पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि अगले दौर की बातचीत फिर शुरू होगी, लेकिन लेबनान में बढ़ते तनाव को देखते हुए शांति की ये उम्मीदें अब धुंधली पड़ती दिख रही हैं।”



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