US- ईरान-इजरायल युद्ध
वॉशिंगटन/तेहरान।वार डेस्क
BDC News|bhopalonline.org
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच हुआ समझौता या बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका ईरान पर अब तक की सबसे घातक सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
होर्मुज की खाड़ी में तैनात रहेंगे अमेरिकी युद्धपोत
राष्ट्रपति ट्रंप ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना के जहाज इस क्षेत्र में मुस्तैद रहेंगे। ट्रंप का यह बयान ईरान की घेराबंदी करने और वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के इरादे को दर्शाता है।
प्रमुख बिंदु:
- सैन्य कार्रवाई की धमकी: ट्रंप ने कहा कि समझौते का उल्लंघन होने पर ईरान को “भारी कीमत” चुकानी होगी।
- रणनीतिक निगरानी: होर्मुज के आसपास अमेरिकी जहाजों की मौजूदगी का उद्देश्य ईरान की किसी भी संभावित आक्रामक गतिविधि को रोकना है।
- क्षेत्रीय तनाव: इस बयान के बाद पश्चिम एशिया (Middle East) में एक बार फिर युद्ध की आहट तेज हो गई है।
ट्रंप के इस तेवर ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान के मुद्दे पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपना रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति के इस्तेमाल में कोई संकोच नहीं करेगा यदि उसके हितों को जरा भी ठेस पहुंचती है।
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