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MP School Summer Vacation 2026: मध्य प्रदेश के इन जिलों में 30 अप्रैल तक स्कूल बंद!

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भोपाल।
BDC News| bhopalonline.org

MP School News Update: मध्य प्रदेश में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 43°C के पार पहुंच चुका है। बच्चों को लू और झुलसा देने वाली गर्मी से बचाने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।

जबलपुर, रीवा और सागर समेत कई बड़े जिलों में कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। आइए जानते हैं आपके जिले में स्कूलों की स्थिति क्या है।

भीषण गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड, प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला

मध्य प्रदेश के मालवा से लेकर बुंदेलखंड तक गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। दोपहर के समय लू (Heat Wave) के थपेड़ों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कलेक्टरों ने तत्काल प्रभाव से प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।

अधिकांश जिलों में यह आदेश 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा, जिसके तुरंत बाद 1 मई से आधिकारिक ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा।


जिलेवार अवकाश की पूरी लिस्ट: यहाँ बंद रहेंगे स्कूल

मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में गर्मी की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर फैसले लिए हैं:

1. जबलपुर और रीवा: सबसे पहले राहत

  • जबलपुर: कलेक्टर के निर्देशानुसार, प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे।
  • रीवा: यहाँ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। इसके चलते कक्षा 1 से 5वीं तक 24 अप्रैल से ही छुट्टियां कर दी गई हैं। बड़ी कक्षाओं (6वीं से 12वीं) के लिए समय बदलकर सुबह 7:30 से दोपहर 12:00 बजे तक कर दिया गया है।

2. सतना, मैहर और पन्ना: बढ़ाया गया अवकाश

  • सतना और मैहर: इन जिलों में भी नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के छोटे बच्चों को 30 अप्रैल तक स्कूल नहीं जाना होगा।
  • पन्ना: पन्ना में गर्मी का असर अधिक देखते हुए प्रशासन ने पहले कक्षा 5वीं तक छुट्टी दी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए कर दिया गया है।

3. नर्मदापुरम और सागर: बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

  • नर्मदापुरम: यहाँ कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है।
  • सागर: सागर जिले में नर्सरी से 5वीं तक के बच्चों के स्कूल 30 अप्रैल तक बंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

जिन जिलों में छुट्टी नहीं, वहां बदला गया समय

राजधानी भोपाल समेत जिन जिलों में अभी पूर्ण अवकाश घोषित नहीं हुआ है, वहां स्कूलों के समय में कटौती की गई है। अधिकांश स्कूलों को सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच संचालित करने का आदेश है, ताकि बच्चे दोपहर की भीषण गर्मी से पहले घर सुरक्षित पहुंच सकें।


शिक्षकों और परीक्षाओं के लिए क्या हैं नियम?

अभिभावकों और छात्रों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या छुट्टियां सबके लिए हैं? प्रशासन ने स्पष्ट किया है:

  • शिक्षकों की उपस्थिति: यह अवकाश केवल छात्रों के लिए है। शिक्षकों को स्कूल संबंधी प्रशासनिक कार्यों के लिए विद्यालय में उपस्थित रहना होगा।
  • बोर्ड और स्थानीय परीक्षाएं: यदि किसी विद्यालय में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं चल रही हैं, तो वे अपने तय समय पर ही होंगी। परीक्षा देने वाले छात्रों को इस अवकाश का लाभ नहीं मिलेगा।

1 मई से शुरू होंगी आधिकारिक गर्मियों की छुट्टियाँ

शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार, मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ‘समर वेकेशन’ (Summer Vacation) की शुरुआत 1 मई 2026 से होगी। यह छुट्टियाँ 15 जून 2026 तक चलेंगी। वर्तमान में दी जा रही छुट्टियां केवल अत्यधिक गर्मी के कारण एक ‘इमरजेंसी राहत’ के तौर पर देखी जा रही हैं।


गर्मी का बच्चों पर असर: क्यों जरूरी था यह फैसला?

डॉक्टरों का मानना है कि 40 डिग्री से अधिक तापमान बच्चों के कोमल शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है।

  • डिहाइड्रेशन: तेज धूप में स्कूल से लौटते वक्त बच्चों में पानी की कमी होने का खतरा रहता है।
  • हीट स्ट्रोक: लू लगने से बच्चों को बुखार, सिरदर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • थकान और एकाग्रता में कमी: अत्यधिक गर्मी के कारण बच्चे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते और जल्दी बीमार पड़ जाते हैं।

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अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव

जब तक स्कूलों में छुट्टियां हैं और गर्मी का प्रकोप जारी है, तब तक पैरेंट्स इन बातों का ध्यान रखें:

  1. बच्चों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलने दें।
  2. उन्हें तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ और ओआरएस (ORS) का घोल देते रहें।
  3. घर से बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढकें।

सुरक्षा ही बचाव है

मध्य प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का यह फैसला सराहनीय है। शिक्षा से ज्यादा जरूरी बच्चों की सेहत है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह के सख्त आदेशों के पालन की आवश्यकता है। 30 अप्रैल के बाद सभी स्कूल नियमित ग्रीष्मकालीन अवकाश की ओर बढ़ेंगे, जिससे बच्चों को इस तपती गर्मी से लंबी राहत मिलेगी।

Disclaimer: स्कूलों से जुड़ी सटीक जानकारी और अपने जिले के विशिष्ट आदेश के लिए कृपया अपने स्कूल प्रबंधन या जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करें।


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