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    Damoh News: प्राइवेट अस्पतालों एवं क्लीनिक पर बड़ी कार्रवाई, 112 के लाइसेंस निरस्त

    Damoh News: प्राइवेट अस्पतालों एवं क्लीनिक पर बड़ी कार्रवाई, 112 के लाइसेंस निरस्त
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    दमोह. BDC NEWS 22 MAY 2024 रंजीत अहिरवार

    Damoh News: आद्या पॉली क्लीनिक, आस्था क्लीनिक, अरिहंत क्लीनिक, अर्पित क्लीनिक बटियागढ़, आशीर्वाद डेंटल क्लीनिक, डॉक्टर बीबी नामदेव क्लीनिक, चैतन्य क्लीनिक, चक्रवर्ती क्लीनिक, चरक क्लीनिक, चौधरी क्लीनिक, चौधरी डेंटल क्लीनिक, चौकरया डेंटल क्लीनिक, दमोह फिजियोथैरेपी क्लीनिक, डेंटल क्लीनिक, दिव्या क्लीनिक, दिवाकर क्लीनिक, डॉ. मनोज कुमार तिवारी क्लीनिक, डॉ. तिलकराज दुआ क्लीनिक, डॉ. अबुल अजीज क्लीनिक, डॉ. भानूप्रताप पटेल क्लीनिक, डॉ. गंगाराम पटेल क्लीनिक, डॉ. गोपाल प्रसाद अयाची क्लीनिक, डॉ. एचएच सूर्यवंशी क्लीनिक, डॉ. आईसी जैन क्लीनिक, डॉ. इजराइल खान, डॉ. जेएस राजपूत, डॉक्टर जैन क्लीनिक, डॉ. मु. तौफीक खान, डॉ. प्रदीप कुमार शेंडे क्लीनिक, डॉ. आरपी साहू क्लीनिक, डॉ. राजकुमार जैन क्लीनिक, डॉ. राकेश राजपूत क्लीनिक, डॉ. संजय कुमार कुर्मी क्लीनिक, डॉ. शिवहरे क्लीनिक, डॉ. सुबोध कुमार जैन क्लीनिक, डॉ. स्वाति जैन क्लीनिक, डॉ. बीके चनपुरिया क्लीनिक, डॉ. योगेश पटेल क्लीनिक, , डॉ. सतीश दुबे क्लीनिक, ईशान क्लीनिक, गरीब विकास संस्था, गीता क्लीनिक, गुरु कृपा क्लीनिक, होम्योपैथिक क्लीनिक, होम्योपैथिक दवाखाना, हॉस्पिटल कुम्हारी, जय मां क्लीनिक, जैन क्लीनिक, जैन पैथालॉजी सेंटर, जैन पॉली क्लीनिक सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं।

    दमोह जिले में चल रहे इन अस्पतालों और क्लीनिकों के नामों को ध्यान से पढ़ लीजिए. यह नाम इसलिए बता रहे हैं, क्योंकि इन सभी के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। यह बिना लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराया था। पहला मौका है, जब 112 अस्पतालों पर एक साथ कार्रवाई की गई है। सीएमएचओ डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देश पर यह कार्रवाई की है। इन सभी अस्पतालों ने नियमानुसार लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किराया है। 2015 के बाद नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया। जिसके बाद मंगलवार शाम यह आदेश जारी हुआ है।


    2015 के बाद नवीनीकरण नहीं
    जिन अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं उनमें आशीर्वाद क्लीनिक का पंजीयन 2015 में कराया गया था। वहीं 2016 में पंजीकृत अस्पतालों के अलावा 2017 एवं 2018 में बड़ी संख्या में अस्पतालों के पंजीयन कराए गए, लेकिन इन अस्पतालों के लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराए गए।

    ऑनलाइन होती है प्रकिया
    हर तीन साल में लाइसेंस नवीनीकरण कराते हैं। इसकी ऑनलाइन प्रक्रिया की जाती है। शासन के नियमानुसार जो दस्तावेज मांगे जाते हैं वह नहीं दिए गए, इसलिए कार्रवाई की गई है। जिनके लाइसेंस निरस्त किए गए हैं वे प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं।

    डॉ सरोजनी जेम्स बेक, CMHO

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