बलूचिस्तान
BDC News | bhopalonline.org
पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर भीषण बम धमाके से दहल उठा है। रविवार को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक एक जोरदार आत्मघाती हमला (Suicide Attack) हुआ। इस आत्मघाती विस्फोट की चपेट में वहां से गुजर रही जाफर एक्सप्रेस (Jaffer Express) आ गई। अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 82 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
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पटरी से उतरे ट्रेन के डिब्बे, इलाके में मची अफरा-तफरी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस समय यह धमाका हुआ, उस वक्त जाफर एक्सप्रेस क्वेटा कैंट की ओर बढ़ रही थी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और पलट गए। धमाके के तुरंत बाद रेलवे ट्रैक के आसपास भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। घटना के बाद स्थानीय इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विस्फोट की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, रेस्क्यू टीमें और पाकिस्तानी सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है
किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रांत की सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा और राहत कार्य में बाधा न डालें और घटनास्थल के आसपास भीड़ जमा न करें।
फिलहाल किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे एक सोची-समझी आतंकी साजिश मानकर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
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आतंकियों के निशाने पर क्यों रहती है ‘जाफर एक्सप्रेस’?
जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान रेलवे की एक प्रमुख और लंबी दूरी की पैसेंजर ट्रेन है, जो बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा को देश के अन्य बड़े शहरों से जोड़ती है। यह ट्रेन बलूचिस्तान के कई बेहद संवेदनशील और अशांत इलाकों से होकर गुजरती है। हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों में तेजी आई है।
पहले भी हुआ है हमला:
जाफर एक्सप्रेस जिन रूटों से गुजरती है, वहां प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का खासा दबदबा माना जाता है। यही वजह है कि यह ट्रेन पहले भी कई बार निशाना बनी है। पिछले साल भी सोशल मीडिया पर जाफर एक्सप्रेस में धमाके का एक वीडियो वायरल हुआ था, जब BLA ने इस ट्रेन को हाईजैक करने का दावा करते हुए 214 यात्रियों को बंधक बना लिया था और 30 सैनिकों की हत्या की बात कही थी।
क्या है बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA)?
बलूचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विद्रोह चल रहा है। यहां के स्थानीय लोगों और विश्लेषकों का मानना है कि साल 1947 में भारत-पाकिस्तान बंटवारे के वक्त वे एक स्वतंत्र राष्ट्र रहना चाहते थे, लेकिन उनकी मर्जी के खिलाफ बलूचिस्तान को पाकिस्तान में शामिल कर लिया गया। इसी ऐतिहासिक असंतोष के कारण बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और बलूच संगठनों के बीच दशकों से खूनी संघर्ष जारी है।
- सबसे ताकतवर संगठन: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाले उग्रवादी गुटों में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) सबसे सक्रिय और खतरनाक संगठन है।
- 70 के दशक में शुरुआत: यह संगठन 1970 के दशक में वजूद में आया था, लेकिन 21वीं सदी में इसकी ताकत और हमलों की तीव्रता में भारी इजाफा हुआ है।
- चीन का भी विरोध: BLA का मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान को पाकिस्तानी कब्जे और चीनी निवेश (CPEC परियोजनाओं) से मुक्त कराना है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार और चीन मिलकर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं और स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा है।
- प्रतिबंधित संगठन: बढ़ते हिंसक हमलों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने साल 2007 में ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल कर प्रतिबंधित कर दिया था।