Headlines

    ट्रम्प का ‘अल्टीमेटम’: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान को 48 घंटे की मोहलत, बोले- “अब कहर बरपेगा”

    ट्रम्प का ‘अल्टीमेटम’: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान को 48 घंटे की मोहलत, बोले- “अब कहर बरपेगा”
    👁️ 286 Views

    अंतरराष्ट्रीय डेस्क| BDC News| bhopalonline.org

    पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सीधी और ‘अंतिम’ चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से नाकाबंदी नहीं हटाई गई, तो ईरान को ऐसे विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे जो इतिहास ने पहले कभी नहीं देखे। ट्रम्प के इस “48-Hour Deadline” ने पूरी दुनिया को ‘तीसरे विश्व युद्ध’ की कगार पर खड़ा कर दिया है।


    “कहर बरपेगा”: ट्रम्प का वह बयान जिसने दुनिया को दहला दिया

    डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस से जारी एक कड़े बयान में कहा, “ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने की जुर्रत की है। होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, किसी की जागीर नहीं। अगर अगले 48 घंटों में वहां से ईरानी नौसेना पीछे नहीं हटती और तेल टैंकरों का रास्ता साफ नहीं होता, तो अमेरिका अपना ‘प्रलयंकारी’ प्रहार शुरू करेगा। याद रहे, समय समाप्त हो रहा है।”

    होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी: क्यों अड़ा है ईरान?

    ईरान ने दावा किया है कि इजरायल और अमेरिका द्वारा उसके परमाणु ठिकानों और ‘सुप्रीम लीडर’ की सुरक्षा को खतरे में डालने के जवाब में उसने यह कदम उठाया है।

    • रणनीतिक महत्व: दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
    • बंदी का असर: पिछले 72 घंटों से एक भी तेल टैंकर यहाँ से नहीं निकल पाया है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

    ‘ऑपरेशन रेड सी 2.0’: अमेरिका की सैन्य तैयारी

    पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, ट्रम्प के आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना का छठा और पांचवां बेड़ा (Fifth & Sixth Fleet) युद्ध क्षेत्र की ओर रवाना हो चुका है।

    • स्ट्राइक ग्रुप: विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) के साथ दर्जनों विध्वंसक जहाज और परमाणु पनडुब्बियां फारस की खाड़ी में तैनात की जा रही हैं।
    • साइबर हमला: चर्चा है कि भौतिक हमले से पहले अमेरिका ईरान के कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम पर बड़ा साइबर हमला कर सकता है।

    भारत की चिंता: तेल और प्रवासियों की सुरक्षा

    ट्रम्प की इस चेतावनी का सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों पर पड़ने वाला है, जिनमें भारत सबसे ऊपर है।

    • कच्चे तेल की कीमतें: भारत को डर है कि यदि युद्ध छिड़ा तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें 150 रुपये के पार जा सकती हैं।
    • सुरक्षा: खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही ‘कंटीन्जेंसी प्लान’ तैयार कर लिया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकाला जा सके।

    क्या युद्ध टल सकता है? कूटनीति की आखिरी कोशिश

    जहाँ ट्रम्प 48 घंटे का समय दे रहे हैं, वहीं रूस और चीन ने इस मामले में संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) सुरक्षा परिषद की आज रात एक आपात बैठक बुलाई गई है। हालांकि, ट्रम्प के रुख से लगता है कि वे इस बार ‘आर या पार’ के मूड में हैं।

    यह भी पढ़ें…


    )

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *