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ईरान की खुली चेतावनी: ‘अमेरिका रणनीतिक रूप से कमजोर, सेना युद्ध के लिए तैयार

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तेहरान
BDC News | bhopalonline.org

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने हालिया बयान में अमेरिका के प्रति कड़ा अविश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की सेना किसी भी संभावित हमले या स्थिति बिगड़ने की सूरत में जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। गालिबाफ ने अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी को एक ‘लापरवाह और गलत फैसला’ करार दिया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर आर-पार की जंग: ‘हम नहीं तो कोई नहीं’

ईरान ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया है। स्पीकर गालिबाफ ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि ईरान के जहाज इस मार्ग से सुरक्षित नहीं गुजर पाएंगे, तो तेहरान किसी भी अन्य देश के जहाजों को वहां से निकलने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज में ‘माइन-क्लियरिंग’ (समुद्री बारूद हटाना) जैसी किसी भी अमेरिकी गतिविधि को ‘सीजफायर का उल्लंघन’ माना जाएगा, जिसका तत्काल और कठोर सैन्य जवाब दिया जाएगा।

भारतीय जहाजों पर फायरिंग और अंतरराष्ट्रीय संकट

पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने अपनी कार्रवाई से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की ओर से दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की गई है। इस दौरान 14 जहाजों को रोका गया, जिनमें से 13 को वापस लौटना पड़ा। भारत ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया है। यह हमला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाकर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से बंद कर दिया है।

अमेरिका का काउंटर-प्लान: तेल का रिजर्व खोला और नाकेबंदी जारी

ईरानी धमकियों के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। वहीं, वैश्विक तेल आपूर्ति में आने वाले संकट से निपटने के लिए अमेरिका ने अपने इमरजेंसी रिजर्व से 2.6 करोड़ बैरल तेल जारी कर दिया है। रणनीतिक स्तर पर, सोमवार को पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

बातचीत की पेशकश, लेकिन कमजोरी समझने की भूल न करे अमेरिका

गालिबाफ ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि ईरान कूटनीति और बातचीत के दरवाजे बंद नहीं कर रहा है, लेकिन अमेरिका इसे ईरान की कमजोरी न समझे। उन्होंने दावा किया कि भले ही अमेरिका के पास अत्याधुनिक हथियार और असीमित संसाधन हों, लेकिन रणनीतिक और जमीनी हकीकत के मामले में अमेरिका, ईरान के सामने कमजोर साबित हो रहा है।


पिछले 24 घंटों के 5 बड़े अपडेट्स

घटनाविवरण
भारतीय जहाजों पर हमलाईरान द्वारा 2 भारतीय जहाजों पर फायरिंग, भारत ने राजदूत को तलब कर जताया विरोध।
होर्मुज स्ट्रेट बंदईरान ने समुद्री रास्ता फिर से सील किया, सप्लाई चेन पर बड़ा संकट।
अमेरिकी तेल रिजर्वमार्केट को स्थिर करने के लिए अमेरिका ने 2.6 करोड़ बैरल इमरजेंसी तेल जारी किया।
पाकिस्तान में बातचीतसोमवार को संभावित बातचीत का दौर, दोनों पक्ष कर सकते हैं मुलाकात।
ट्रम्प की सख्त चेतावनीसमझौता होने तक ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बरकरार रखने का ऐलान।


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