नई दिल्ली|
BDC News| bhopalonline.org
देश की राजनीति में इस वक्त महिला आरक्षण बिल को लेकर जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस संबोधन में प्रधानमंत्री सीधे देश की आधी आबादी यानी महिलाओं से संवाद करेंगे और बिल के पास न हो पाने के कारणों व इसके पीछे की राजनीति पर अपनी बात रखेंगे।
कैबिनेट: “विपक्ष ने महिलाओं का हक छीना”
प्रधानमंत्री मोदी ने आज हुई कैबिनेट बैठक के दौरान विपक्षी दलों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि लोकसभा में बिल का गिरना सरकार की तकनीकी हार नहीं है, बल्कि यह देश की करोड़ों महिलाओं को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों का ‘अपहरण’ है। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि विपक्ष ने इस बिल का समर्थन न करके यह साबित कर दिया है कि उनकी सोच महिला विरोधी है।
विपक्ष की नीयत पर सवाल: “50 साल तक क्यों रहे खामोश?”
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जो दल आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, उन्होंने पिछले 50 वर्षों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए? पीएम मोदी ने इसे विपक्ष की दोहरी राजनीति करार देते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने कभी इच्छाशक्ति नहीं दिखाई और अब जब सरकार यह ऐतिहासिक कदम उठा रही है, तो वे इसमें रोड़ा अटका रहे हैं।
संवैधानिक हार नहीं, इसे ‘जन-आंदोलन’ बनाने की तैयारी
आमतौर पर प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन बड़े सुधारों (जैसे नोटबंदी या अनुच्छेद 370) या राष्ट्रीय आपदाओं पर केंद्रित होते हैं। लेकिन यह पिछले 12 वर्षों में पहला मौका है जब लोकसभा में किसी संविधान संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद प्रधानमंत्री देश के सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि पीएम इसे सरकार की विफलता के बजाय विपक्ष की ‘नकारात्मकता’ के रूप में पेश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस संदेश को देश के हर गांव और हर घर तक पहुंचाया जाए।
‘विपक्ष को भुगतना होगा राजनीतिक खामियाजा’
प्रधानमंत्री ने कैबिनेट में मंत्रियों को सचेत करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करना विपक्ष की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल साबित होगी। उनके अनुसार, देश की जनता और विशेषकर महिला मतदाता इस घटनाक्रम को बहुत बारीकी से देख रही है। उन्होंने जोर दिया कि आने वाले चुनावों में विपक्ष को महिलाओं की इस ‘हक की लड़ाई’ में बाधक बनने का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
BDC न्यूज़ व्यू: पीएम के संबोधन के क्या हैं सियासी मायने?
BDC न्यूज़ विश्लेषण: प्रधानमंत्री का आज का संबोधन केवल एक भाषण नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए एक बड़ा ‘चुनावी एजेंडा’ सेट करने की कोशिश है।
- इमोशनल कनेक्ट: पीएम मोदी सीधे महिलाओं से जुड़कर खुद को उनके ‘सच्चे हितैषी’ के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।
- विपक्ष की घेराबंदी: बिल गिरना सरकार के लिए एक झटका जरूर है, लेकिन पीएम इसे एक बड़े अवसर में बदल रहे हैं जिससे विपक्ष को ‘महिला विरोधी’ घोषित किया जा सके।
- नई रणनीति: सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह अंत तक लड़ी, लेकिन विपक्ष ने साथ नहीं दिया। यह संबोधन चुनावी रैलियों से पहले एक बड़ा आधार तैयार करेगा।
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