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महिला आरक्षण बिल: ‘नारी शक्ति को हक देना अपराध का प्रायश्चित’, पीएम मोदी ने विरोधियों को दी बड़ी चेतावनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर अपनी बात रखी।

नई दिल्ली।
BDC News | bhopalonline.org

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर चर्चा के दौरान विपक्ष को कड़े लहजे में आगाह किया। पीएम ने कहा कि इतिहास गवाह है, जिस-जिसने महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया है, जनता ने उनका बुरा हाल किया है। उन्होंने इस बिल को राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण का जरिया बताया।

“अहंकार छोड़ें, यह महिलाओं का हक है”

सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें इस भ्रम या अहंकार में नहीं रहना चाहिए कि हम नारी शक्ति को कुछ ‘दे’ रहे हैं। वास्तव में, यह उनका हक है जिसे दशकों से रोक कर रखा गया था। आज हमें उस अपराध का प्रायश्चित करने और उससे मुक्ति पाने का अवसर मिला है।” उन्होंने अतीत की सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले हर बार कोई न कोई ‘तकनीकी पेंच’ फंसाकर इस बिल को रोका जाता रहा, लेकिन अब और विलंब नहीं किया जा सकता।

विरोध करने वालों को भुगतनी होगी राजनीतिक कीमत

पीएम मोदी ने क्षेत्रीय दलों और विरोध करने वाले नेताओं को स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रासरूट लेवल (पंचायत स्तर) पर लाखों महिला नेता तैयार हो चुकी हैं। जो आज इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

  • अखिलेश यादव पर पलटवार: जब सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने पिछड़ी जातियों के हक की बात की, तो पीएम ने सहज अंदाज में कहा, “अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, वे मेरी पहचान (अति पिछड़ा वर्ग) कराने में मदद कर देते हैं, इसके लिए आभार।”

2029 में लागू करने का लक्ष्य और 850 सांसदों का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री ने साफ किया कि 2023 में नए संसद भवन में इस अधिनियम को सर्वसम्मति मिली थी। अब इसे 2029 तक प्रभावी बनाने की तैयारी है।

  • बड़ी अपडेट: संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की कुल संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।
  • वोटिंग: इस ऐतिहासिक बिल पर 16 और 17 अप्रैल को कुल 15 घंटे चर्चा होगी और कल शाम 4 बजे वोटिंग की जाएगी।

गारंटी और नीयत पर जोर

विपक्ष द्वारा उठाए गए ‘गारंटी’ और ‘वादे’ के सवालों पर पीएम ने कहा, “अगर आपको गारंटी शब्द चाहिए तो मैं वही इस्तेमाल करता हूँ। जब नीयत साफ होती है, तो शब्दों के खेल की जरूरत नहीं पड़ती। देश हमारे फैसले से ज्यादा हमारी नीयत को देख रहा है, और नारी शक्ति नीयत में खोट को कभी माफ नहीं करेगी।”


लाइव अपडेट्स: मुख्य बिंदु

पिछड़ों के साथ न्याय: पीएम ने भरोसा दिलाया कि निर्णय प्रक्रिया में किसी के साथ भेदभाव या अन्याय नहीं होगा।

  • विकसित भारत का अर्थ: पीएम के अनुसार, विकसित भारत का मतलब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि नीति निर्धारण में महिलाओं की बराबर की भागीदारी है।
  • अमृत काल का मंथन: इस चर्चा से जो ‘अमृत’ निकलेगा, वह 21वीं सदी के भारत की दिशा और दशा तय करेगा।

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