हमीरपुर।
BDC News | bhopalonline.org
उत्तर प्रदेश में गुरुवार (28 मई 2026) की रात आई विनाशकारी आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण चक्रवाती तूफान के कारण हमीरपुर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बेतवा नदी पर बन रहे एक बड़े निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभरा कर ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से ही मौके पर पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
आधी रात को हुआ हादसा; पुल के नीचे सो रहे थे मजदूर
हमीरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अरविंद कुमार वर्मा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना 28 और 29 मई की मध्यरात्रि करीब 2 बजे की है। लालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने के लिए बेतवा नदी पर इस पुल का निर्माण किया जा रहा था।

रात में तेज आंधी के कारण निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम स्लैब अचानक नीचे गिर गया। भीषण गर्मी के कारण हादसे के समय कई मजदूर पुल के नीचे ही सो रहे थे, जो सीधे मलबे की जद में आ गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए क्रेन और कटर मशीनों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, हताहत हुए मजदूरों में मुख्य रूप से बांदा और हमीरपुर जिले के निवासी शामिल हैं।
राज्यसभा सांसद के प्रयासों से बन रहा था पुल, जांच के लिए बुलाई तकनीकी टीम
बताया जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण पुल का निर्माण राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के विशेष प्रयासों से कराया जा रहा था। स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के लिए यह एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट था।
इतने बड़े हादसे के बाद अब पुल निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रशासन ने हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी टीम (Technical Team) को मौके पर बुलाया है। जांच टीम इस बात का पता लगाएगी कि पुल के ढहने के पीछे केवल प्राकृतिक तूफान वजह था या फिर निर्माण सामग्री और पुल के स्ट्रक्चर की क्वालिटी में कोई बड़ी लापरवाही बरती गई थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान, तुरंत सहायता के निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मलबे से निकाले गए घायलों को तत्काल उचित और मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाए। फिलहाल अधिकारियों की पूरी टीम घटनास्थल पर डटी हुई है और प्राथमिकता मलबे में फंसे अंतिम व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की है।
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