जबलपुर/भोपाल।
BDC News | bhopalonline.org
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवमानना करने पर कड़ा रुख अपनाया है। आदेश का पालन न करने और सुनवाई में उपस्थित न होने पर जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने एमएसएमई (MSME) मंत्रालय के प्रमुख सचिव सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए हैं।
समय पर पदोन्नति का फैसला न लेना पड़ा भारी
यह पूरा मामला रीवा जिला उद्योग केंद्र में पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश तिवारी की पदोन्नति से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के अनुसार, वे मैनेजर पद पर प्रमोशन पाने के पात्र थे, लेकिन विभाग इस पर निर्णय लेने में टालमटोल कर रहा था। हाईकोर्ट ने 4 नवंबर 2024 को निर्देश दिए थे कि अधिकारी 90 दिनों के भीतर पदोन्नति पर फैसला लें, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ।
इन अधिकारियों के खिलाफ जारी हुआ वारंट
अदालत ने इन अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया है।
- राघवेन्द्र सिंह: प्रमुख सचिव, एमएसएमई मंत्रालय।
- दिलीप कुमार सिंह: आयुक्त।
- राहुल दुबे: जनरल मैनेजर, जिला उद्योग केंद्र रीवा।
कोर्ट की नाराजगी और एसपी को निर्देश
सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि नोटिस तामील होने के बावजूद कोई भी अधिकारी अदालत में पेश नहीं हुआ। इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने भोपाल और रीवा के पुलिस अधीक्षकों (SP) को आदेश दिया है कि वे इन वारंटों की तामीली सुनिश्चित करवाएं। मामले की अगली सुनवाई अब एक सप्ताह बाद होगी, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रेय दीवान ने पैरवी की।
लेटेस्ट अपडेट
- बैरागढ़ में 12 साल की बच्ची की जघन्य हत्या, रेप की आशंका पर थाने के बाहर हंगामा और तोड़फोड़

- नवरात्रि : सिंध जीव सेवा कल्याण समिति बांट रही महाप्रसाद, 11 स्थानों पर सेवा जारी
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे का बड़ा प्रदर्शन

- सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा: उज्जैन से अयोध्या तक 1000 किमी का सफर

- Saptahik Rashifal 5 to 11 October 2026: जानिए मेष से मीन तक का साप्ताहिक राशिफल

- एशियन गेम्स 2026: भारत का शानदार अभियान 21 गोल्ड और 85 पदकों के साथ समाप्त

- बागमगुलिया: प्रोस्पेरा सोसाइटी में गणेशजी की मनोहारी प्रतिमा की स्थापना

- हनुमान अंश 200 करोड़ क्लब के करीब, 34वें दिन भी सिनेमाघरों में बरकरार है दबदबा





