एके तिवारी, ज्योतिषाचार्य
BDC NEWS| bhopalonline.org
- सावन का पहला दिन: उज्जैन में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही बाबा महाकाल के मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
- तड़के 3 बजे खुले पट: श्रावण के पहले दिन भगवान महाकाल के धाम के कपाट तड़के 3 बजे खोले गए, जिसके बाद विधिवत पूजन और भस्म आरती संपन्न हुई।
- विशेष दर्शन व्यवस्था: सावन और भादौ मास में प्रत्येक सोमवार को मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे खुलेंगे और बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
महाकाल मंदिर में सावन के पहले दिन का विशेष अनुष्ठान
पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही धर्म नगरी उज्जैन पूरी तरह से शिवमय हो गई है। सावन के पहले दिन भगवान महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के कपाट तड़के 3 बजे खोले गए, जिसके बाद सबसे पहले भगवान वीरभद्र, चांदी द्वार, मानभद्र, नंदी, गणेश जी सहित संपूर्ण शिव परिवार और भगवान के सभी गणों का पूजन किया गया।
भस्म आरती और अलौकिक श्रृंगार
नियमित दर्शनार्थियों ने बाबा महाकाल पर हरि ॐ जल का अभिषेक किया और कपूर आरती उतारी। इसके बाद पुजारी-पुरोहितों द्वारा पंचाभिषेक कर प्रसिद्ध भस्म आरती संपन्न की गई।
- दिव्य श्रृंगार: भस्म आरती के पश्चात भगवान महाकाल का भांग, चंदन, पुष्प और सूखे मेवों से भव्य श्रृंगार किया गया।
- आभूषण: बाबा को रजत मुकुट, मुंडमाला, नाग, चंद्र, त्रिशूल और विभिन्न आभूषणों से सजाया गया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत अलौकिक और दिव्य प्रतीत हो रहा था।
- गूंज: संपूर्ण मंदिर परिसर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा। दो घंटे चली भस्म आरती के बाद भगवान को मिष्ठान और अन्य व्यंजनों का भोग लगाया गया।
सामान्य दर्शन और सावन की विशेष व्यवस्थाएं
भस्म आरती संपन्न होने के ठीक बाद, सुबह लगभग 5:30 बजे से सामान्य दर्शन का क्रम शुरू हो गया, जो देर शाम शयन आरती तक अनवरत जारी रहेगा। जिन श्रद्धालुओं की भस्म आरती की बुकिंग नहीं हो पाई थी, उनके लिए चलित दर्शन की विशेष व्यवस्था भी सुचारू रूप से चालू रखी गई।
पुजारी महेश पुजारी के अनुसार, श्रावण मास शिव आराधना का महीना है। इस दौरान भक्त कठिन संकल्प लेते हैं और कई लोग महीने भर अन्न-जल का त्याग कर या चप्पल न पहनकर कठोर तपस्या और साधना करते हैं। जो श्रद्धालु कठिन संकल्प नहीं ले पाते, वे इस पूरे महीने विशेष अनुष्ठान करके पूर्ण फल की प्राप्ति कर सकते हैं।
- मानसून सत्र का हंगामेदार समापन: लोकसभा की कार्यवाही एक मिनट में स्थगित, राज्यसभा में हल्द्वानी के मुद्दे पर गरमागरम बहस

- मध्य प्रदेश के ओजस्वी रचनाकारों ने फूंकी स्वतंत्रता संग्राम में जान

- मध्य प्रदेश के वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया बलिदान, चन्द्रशेखर आजाद भी इसी भूमि के

- Bhopal History: 15 अगस्त 1947 को भोपाल में क्यों नहीं फहरा था तिरंगा?

- MP Labour Code 2026 : मध्य प्रदेश में 24/7 खुलेंगे मॉल और दुकानें, जानें नए नियम

- बारिश का कहर: भोपाल-गुना में स्कूलों की छुट्टी, कई जिलों में नदियां उफान पर

- 10 अगस्त 2026 का पंचांग और राशिफल: मेष से मीन राशि और मूलांक 1 से 9 तक का भविष्यफल

- घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में हल्की तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर






.png)

