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NEET पेपर लीक विवाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 36 दिन के विरोध के बाद सरकार झुकी

NEET पेपर लीक विवाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 36 दिन के विरोध के बाद सरकार झुकी
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जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को मिली बड़ी सफलता; प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली।
BDC NEWS| bhopalonline.org

NEET पेपर लीक मामले में बढ़ते दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार शाम इस्तीफा दे दिया। करीब 8:15 बजे उनके मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया गया। जोशी पहले से खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं।

36 दिन के आंदोलन का असर

कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी और लगातार प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी। इस्तीफे के बाद पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे “जनता की जीत” बताया। उन्होंने कहा— “कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”

चिट्ठी में युवाओं का जिक्र

इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दो पेज की एक चिट्ठी जारी की, जिसमें लगभग 575 शब्द थे। इस पत्र में उन्होंने दो बार यह उल्लेख किया कि कुछ लोग युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल और निर्णयों का भी जिक्र किया।

12 साल में पहली बार विरोध के कारण इस्तीफा

2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब किसी केंद्रीय मंत्री को सार्वजनिक विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने ‘मी टू’ आरोपों के कारण पद छोड़ा था।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने दो प्रमुख मांगें रखीं—

  • पीड़ित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा
  • दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

उन्होंने कहा— “कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं।”
इस्तीफे की खबर मिलते ही दीपके जंतर-मंतर पर घुटनों के बल बैठ गए और समर्थकों के साथ जश्न मनाया।

वांगचुक बोले— लोकतंत्र की जीत

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह शांति, धैर्य और जनशक्ति की जीत है और देशभर के युवाओं को बधाई दी।

भागवत के बयान के बाद बढ़ा दबाव

इस्तीफे से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा था कि नई पीढ़ी को आदेश देने के बजाय संवाद के जरिए समझाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ी और उसी दिन प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।

NTA में कार्रवाई से तेज हुआ घटनाक्रम

NEET पेपर लीक मामले में शुक्रवार रात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया। इनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की भी बात कही गई। इससे पहले शिक्षा मंत्रालय में दो सचिवों का तबादला भी किया गया था।

इस्तीफों पर पुराना बयान फिर चर्चा में

इस घटनाक्रम के बाद 2015 में दिए गए एक बयान की भी चर्चा हो रही है, जिसमें कहा गया था कि सरकार में इस्तीफे नहीं होते। अब विपक्ष और आंदोलनकारी इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।


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