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    घरेलू तेल पाम की खेती को बढ़ावा दे राज्य : शिवराज

    घरेलू तेल पाम की खेती को बढ़ावा दे राज्य : शिवराज
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    • केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने राज्यों से कहा
    • राज्यों से राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम के प्रयासों को बढ़ावा दें
    • वृक्षारोपण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया

    दिल्ली. BDC NEWS

    सभी राज्य राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) के अपने प्रयासों को तेज करें। यह मिशन खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के भारत के दृष्टिकोण की आधारशिला है। यह बात केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कही।

    घरेलू तेल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2025-26 तक 6.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को तेल पाम के बागानों के अंतर्गत लाना है। पूर्वोत्तर और अन्य तेल पाम उगाने वाले राज्यों की कृषि-जलवायु क्षमता का लाभ उठाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, अन्य क्षेत्रों को भी अपने प्रयासों में तेज़ी लाने की आवश्यकता है। आवंटित निधियों का कम उपयोग और वृक्षारोपण लक्ष्यों को प्राप्त करने में देरी अधिक केंद्रित और समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता को दर्शाती करती है।

    शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर बल दिया कि राज्यों को बाधाओं को दूर करके तथा उपलब्ध संसाधनों को जुटाकर अपने वृक्षारोपण लक्ष्यों को प्राप्त करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम के अंतर्गत पर्याप्त अप्रयुक्त धनराशि के साथ, राज्यों को बुनियादी ढांचे के विकास, किसान समर्थन और वृक्षारोपण विस्तार के लिए संसाधन उपयोग को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। राज्यों को किसानों की भागीदारी को भी बढ़ाना चाहिए, गलत सूचना जैसी चुनौतियों से निपटना चाहिए तथा किसानों की संतुष्टि और निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सहायता के वितरण में तेजी लानी चाहिए।

    सरकार ने पारदर्शिता और दक्षता में सुधार के लिए जियो-मैपिंग और ड्रोन निगरानी के माध्यम से डिजिटल निगरानी जैसी पहल शुरू की है। मंत्री महोदय ने राज्यों से इन उपायों में पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया। किसानों को बाजार में उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए व्यवहार्यता मूल्य (वीपी) प्रक्रिया शुरू की गयी है। किसानों को यह लाभ पहुंचाने के लिए राज्यों को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर समय पर हस्ताक्षर सुनिश्चित करने चाहिए।

    केंशिवराज सिंह चौहान ने खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए एकजुट प्रयास के महत्व को दोहराया। मिशन के लक्ष्यों को प्राप्तत करने में केंद्र और राज्य सरकारों, कार्यान्वयन एजेंसियों और किसानों के बीच एक मजबूत साझेदारी महत्वपूर्ण होगी।

    सोर्स : PIB Delhi

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