नई दिल्ली।
BDC News|bhopalonline.org
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की युवा शक्ति को राष्ट्र की प्रगति का सबसे बड़ा आधार बताते हुए उन्हें सफलता का एक विशेष ‘संस्कृत सूत्र’ दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक प्रेरक विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं में वह सामर्थ्य है कि वे जिस लक्ष्य को ठान लेते हैं, उसे हर हाल में पूरा करके दिखाते हैं।
युवा शक्ति से बदल रही है देश की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हमारी युवा पीढ़ी का संकल्प ही भारत को वैश्विक पटल पर तीव्र गति से आगे ले जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज का युवा न केवल सपने देखता है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का साहस और कौशल भी रखता है।
विपत्ति में मार्ग दिखाएगा यह ‘संस्कृत सुभाषितम्’
युवाओं को जीवन की चुनौतियों के प्रति सचेत और सशक्त करने के लिए पीएम मोदी ने एक प्राचीन संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
व्यसने वाऽर्थकृच्छ्रे वा भये वा जीवनान्तके। विमृशन् वै स्वया बुद्ध्या धृतिमान् नावसीदति॥
भावार्थ: इस श्लोक का अर्थ है कि जब मनुष्य पर कोई बड़ी विपत्ति आए, आर्थिक संकट खड़ा हो, किसी प्रकार का डर सताए या प्राणों पर संकट आ जाए—ऐसी हर कठिन परिस्थिति में जो व्यक्ति धैर्य (धृति) धारण करता है और अपनी बुद्धि से विवेकपूर्ण विचार करता है, वह कभी दुखी या पराजित नहीं होता।
धैर्य और विवेक: संकट के साथी
प्रधानमंत्री के इस संदेश का मूल सार यह है कि कठिन समय में घबराने के बजाय शांत रहकर लिया गया निर्णय ही व्यक्ति को हानि से बचाता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे संकट के समय विचलित होने के बजाय अपनी समझदारी और विवेक का उपयोग करें। सही समय पर स्थिर मन से किए गए विचार ही सफलता के द्वार खोलते हैं।
यह भी पढ़ें…
- बैरागढ़ में 12 साल की बच्ची की जघन्य हत्या, रेप की आशंका पर थाने के बाहर हंगामा और तोड़फोड़

- नवरात्रि : सिंध जीव सेवा कल्याण समिति बांट रही महाप्रसाद, 11 स्थानों पर सेवा जारी
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे का बड़ा प्रदर्शन

- सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा: उज्जैन से अयोध्या तक 1000 किमी का सफर

- Saptahik Rashifal 5 to 11 October 2026: जानिए मेष से मीन तक का साप्ताहिक राशिफल

- एशियन गेम्स 2026: भारत का शानदार अभियान 21 गोल्ड और 85 पदकों के साथ समाप्त

- बागमगुलिया: प्रोस्पेरा सोसाइटी में गणेशजी की मनोहारी प्रतिमा की स्थापना

- हनुमान अंश 200 करोड़ क्लब के करीब, 34वें दिन भी सिनेमाघरों में बरकरार है दबदबा





