पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : क्राइम सीन रीक्रिएशन की कहानी, ‘क्राइम पेट्रोल’ से बनाई प्लॉनिंग

पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : क्राइम सीन रीक्रिएशन की कहानी, ‘क्राइम पेट्रोल’ से बनाई प्लॉनिंग
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पुणे: डिजिटल डेस्क
BDC NEWS | bhopalonline.org

क्या किसी टीवी क्राइम शो को देखकर असल जिंदगी में हत्या की पटकथा लिखी जा सकती है? पुणे का केतन अग्रवाल हत्याकांड कुछ ऐसे ही खौफनाक सवालों को जन्म दे रहा है। 18 जून को लोहगढ़ किले की ऊंचाइयों से धक्का देकर 25 साल के केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस साजिश की मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के अलग-अलग बयानों ने पुलिस को उलझा कर रख दिया है। अब सच को बेनकाब करने के लिए पुलिस पॉलीग्राफ टेस्ट का सहारा ले रही है। जांच में जो खुलासा हुआ है वह हैरान करने वाला है—आरोपी चेतन ने वारदात को अंजाम देने से पहले ‘क्राइम पेट्रोल’ के कई एपिसोड देखे थे, ताकि वह जांच एजेंसियों को चकमा दे सके। आखिरकार, कैसे एक ‘प्री-वेडिंग फोटोशूट’ का झांसा देकर केतन को मौत के मुंह में धकेला गया? आइए, जानते हैं इस मर्डर मिस्ट्री की इनसाइड स्टोरी।

लोहगढ़ किला – जहाँ रची गई मौत की साजिश

दृश्य 1 : यह लोहगढ़ किला है, जहाँ 18 जून को 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। बुधवार सुबह 8 बजे, पुलिस टीम सह-आरोपी चेतन को इसी किले पर लेकर आई। दृश्य उस पल को दर्शाता है जब पुलिस ने चेतन से पूछताछ की कि उसने केतन को कैसे और किस जगह से धक्का दिया। पुलिस का मानना है कि केतन, सिया और चेतन के रिश्ते में बाधा बन रहा था, जिसे हटाने के लिए यह खौफनाक तरीका अपनाया गया।

पुणे का लीलाकुंज – जहाँ से बरामद हुए सबूत

दृश्य 2: जाँच के दौरान, यह बात सामने आई कि चेतन ने वारदात से पहले ‘क्राइम पेट्रोल’ देखकर यह समझने की कोशिश की थी कि पुलिस को कैसे चकमा दिया जाए। हालाँकि, पुलिस ने हत्या के 6 दिन के भीतर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को पुलिस सिया गोयल को पुणे में उसके घर ‘लीलाकुंज’ ले गई। करीब 30 मिनट तक चली तलाशी के दौरान, पुलिस ने घटना के दिन सिया द्वारा पहने गए कपड़े और कई डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। इन सबूतों का मिलान अब आरोपियों के बयानों से किया जाएगा। सिया ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अपनी सहमति दे दी है।

घटना का टाइमलाइन (Visualized Context):

  • 31 मई (प्लानिंग): ट्रैकिंग के दौरान लोहगढ़ किले पर सिया को केतन की हत्या का विचार आया।
  • 14 जून (पहली कोशिश): सिया ने केतन को किले पर धक्का दिया, लेकिन वह पेड़ का सहारा लेकर बच गया। सिया ने बहाना बनाया कि उसने सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था।
  • 18 जून (हत्या): “प्री-वेडिंग फोटोशूट” का बहाना बनाकर सिया और चेतन केतन को फिर से लोहगढ़ किले पर लाए। इस बार, जब केतन पहाड़ियों की ओर देख रहा था, दोनों ने मिलकर उसे पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

अब, पुलिस दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है क्योंकि दोनों एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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