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पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटी: डीजल पर शुल्क किया शून्य, पेट्रोल पर ₹10 की राहत

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटी:  डीजल पर शुल्क किया शून्य, पेट्रोल पर ₹10 की राहत
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नई दिल्ली|BDC News|bhopalonline,org

पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है। इस संकट के कारण कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के खतरों को देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में ऐतिहासिक कटौती की घोषणा की है।

एक्साइज ड्यूटी में कितनी हुई कटौती?

सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अपनी कर संरचना में आमूलचूल बदलाव किया है:

  • पेट्रोल: उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर अब मात्र 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
  • डीजल: डीजल पर उत्पाद शुल्क को 10 रुपये से घटाकर सीधे शून्य (Zero) कर दिया गया है।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ न पड़ने देना है।

ऊर्जा संकट और आपूर्ति की स्थिति

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की लगभग 50% आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि, भारत सरकार ने स्थिति को भांपते हुए रणनीतिक कदम उठाए हैं:

  • भारत ने अगले 60 दिनों के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति सुरक्षित कर ली है।
  • देश का रणनीतिक भंडार पूरी तरह भरा हुआ है, जिससे आपात स्थिति में भी ईंधन की कमी नहीं होगी।

क्या आम जनता के लिए घटेंगे दाम?

एक्साइज ड्यूटी में इस भारी कटौती का सीधा असर आम आदमी की जेब और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा:

  1. कीमतों में स्थिरता: यदि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी हुई लागत को स्वयं वहन करती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
  2. माल ढुलाई पर असर: डीजल पर शुल्क शून्य होने से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन की लागत घटेगी, जिससे आवश्यक वस्तुओं की महंगाई पर लगाम लगेगी।
  3. अर्थव्यवस्था को गति: ईंधन सस्ता होने से औद्योगिक उत्पादन लागत कम होगी, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक “बूस्टर डोज़” साबित हो सकता है।

रणनीतिक महत्व

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं व्याप्त हैं। मोदी सरकार का यह कदम यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद भारत अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

शहरवर्तमान कीमत (लगभग)संभावित नई कीमत (पेट्रोल)संभावित नई कीमत (डीजल)प्रति लीटर अनुमानित राहत
भोपाल₹106.47₹96.47₹81.82₹10 – ₹11
दिल्ली₹94.72₹84.72₹77.62₹10
मुंबई₹104.21₹94.21₹82.15₹10 – ₹12
इंदौर₹106.50₹96.50₹81.90₹10 – ₹11
जबलपुर₹106.40₹96.40₹81.80₹10 – ₹11

इस कटौती का गणित समझें:

  1. डीजल पर ‘Zero’ टैक्स: डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म होने से माल ढुलाई (Trucking) सस्ती होगी, जिससे फल, सब्जी और अनाज की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है।
  2. पेट्रोल पर ₹10 की सीधी बचत: ₹13 से घटाकर ₹3 करने का मतलब है कि आपकी जेब पर सीधा ₹10 प्रति लीटर का बोझ कम होगा।
  3. VAT का प्रभाव: कई राज्य सरकारें केंद्र की कटौती के बाद अपने VAT में भी कमी कर सकती हैं, जिससे कीमतें ₹2-3 और भी कम हो सकती हैं।

नोट: ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिरता और तेल कंपनियों (OMCs) के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेंगी। आधिकारिक रेट्स रोज़ सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं।


Ajay Tiwari is the Chief Editor of BDC News. A veteran of the industry, he brings over 20 years of...

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