मुंबई/टोक्यो/न्यूयॉर्क:
BDC News | bhopalonlie.or
ताजा अपडेट…सेंसेक्स 1300 अंक गिरकर 76,270 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 370 नीचे, 23,670 पर आया; सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली
ताजा अपडेट.. सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर 76,500 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 300 नीचे, 23,750 पर आया; सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली @ 12PM
युद्ध की आहट का सबसे पहला और भीषण असर आज वैश्विक शेयर बाजारों पर देखने को मिला। 13 अप्रैल 2026 को “ब्लैक मंडे” (Black Monday) कहा जा रहा है। जैसे ही अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने की खबर फैली, जापान के निक्केई से लेकर भारत के सेंसेक्स तक ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
एशियाई बाजारों में रक्तपात की स्थिति है। जापान और कोरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहांं सुबह शेयर बाजार खुलते ही एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई।
- निक्केई (Nikkei 225): जापान का बाजार 1,500 अंकों से ज्यादा टूट गया।
- कोस्पी (KOSPI): दक्षिण कोरिया के बाजार में 3% की भारी गिरावट आई।
- गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty): भारतीय बाजार के खुलने से पहले ही गिफ्ट निफ्टी ने 500 अंकों की गिरावट के संकेत दिए, जिससे दलाल स्ट्रीट पर सन्नाटा पसर गया।
भारतीय बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) का हाल
भारतीय समय के अनुसार, सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स करीब 2,200 अंकों की गिरावट के साथ खुला। निफ्टी ने भी अपनी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बढ़त खो दी। निवेशकों में इस कदर डर है कि वे अपनी होल्डिंग्स को किसी भी कीमत पर बेचने को तैयार हैं।
ऑयल और गैस सेक्टर: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका से पेंट, एविएशन और ऑटो सेक्टर के शेयर औंधे मुंह गिरे हैं।
आईटी सेक्टर: वैश्विक अनिश्चितता के कारण आईटी दिग्गजों के शेयरों में 5-7% की बिकवाली देखी गई।
क्रूड ऑयल $120 के पार, सोना ऐतिहासिक ऊंचाई पर
युद्ध की आशंका ने कमोडिटी मार्केट को आग लगा दी है।
कच्चा तेल (Brent Crude): स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी की खबर के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें कुछ ही घंटों में $105 से उछलकर $123 प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। कहा जा रहा है कि यदि युद्ध छिड़ा, तो यह $150 का स्तर भी पार कर सकता है।
- सोना और चांदी: अनिश्चितता के समय में निवेशक सोने की तरफ भाग रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत ने $2,800 प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया है।
क्या यह 1929 की महामंदी की पुनरावृत्ति है?
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह तनाव हफ्तों तक चला, तो दुनिया 1929 जैसी ‘ग्रेट डिप्रेशन’ या 2008 जैसे वित्तीय संकट में फंस सकती है। सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो चुकी है। महंगाई (Inflation) की दरें कई विकसित देशों में दो अंकों में पहुंचने का खतरा है।
बाजार विशेषज्ञों की राय: “यह केवल एक तकनीकी सुधार (Correction) नहीं है, बल्कि यह शुद्ध रूप से ‘पैनिक सेलिंग’ है। जब तक भू-राजनीतिक मोर्चे पर कुछ सकारात्मक नहीं होता, बाजार में स्थिरता की कोई उम्मीद नहीं है।”
कुल मिलकर 13 अप्रैल 2026 का दिन मानव इतिहास और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। एक तरफ जहां मिसाइलें तैनात हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी की गाढ़ी कमाई बाजार की गिरावट की भेंट चढ़ रही है।
डिस्क्लेमर: निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
लेटेस्ट अपडेट..
- हेपेटाइटिस बदल रहा है लिवर सिरोसिस में? पहचानें ये शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

- आमरस पूरी रेसिपी : गर्मियों में बनाएं बिल्कुल पारंपरिक और फूली-फूली आमरस-पूरी, जानें सीक्रेट टिप्स

- MP Nautapa Live Updates: नौतपा का प्रचंड आगाज ; सतना-छतरपुर सहित 5 जिलों में ‘तीव्र लू’ का रेड अलर्ट

- MP Fuel Price Hike : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल ; जानें भोपाल-इंदौर सहित बड़े शहरों के नए रेट्स

- Share Market Update : शेयर बाजार में बंपर उछाल, सेंसेक्स 800 अंक उछला; रुपया भी हुआ मजबूत

- Gold-Silver Price Today: खरीदने से पहले चेक करें भोपाल सहित बड़े शहरों के रेट्स

- 25 मई 2026 का पंचांग: गंगा दशहरा पर शुभ मुहूर्त और राहुकाल; जानें मेष से मीन तक का राशिफल व मूलांक फल

- अब न्याय की तराजू पर ‘ट्विशा शर्मा’ माैत

