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गर्मी: शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बन सकती है गंभीर मुसीबत

गर्मी: शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बन सकती है गंभीर मुसीबत

गिरीश कुमार
BDC News | bhopalonline.org

गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन (Dehydration) होना एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। जब हमारे शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ (पसीना, पेशाब आदि) की मात्रा, ग्रहण किए गए तरल पदार्थ से अधिक हो जाती है, तो डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा होती है।

चलिए बताते हैं ऐसा क्यों होता है…


अत्यधिक पसीना आना (Excessive Sweating)

तेज धूप और उमस भरे मौसम में शरीर अपने तापमान को नियंत्रित करने के लिए पसीना छोड़ता है। यदि आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं या शारीरिक मेहनत करते हैं, तो पसीने के माध्यम से शरीर का बहुत सारा पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटैशियम) बाहर निकल जाते हैं।

पर्याप्त पानी न पीना (Inadequate Water Intake)

अक्सर लोग प्यास लगने का इंतज़ार करते हैं, जो डिहाइड्रेशन का शुरुआती संकेत है। व्यस्तता के कारण या प्यास का एहसास न होने पर कम पानी पीना गर्मी में सबसे बड़ा कारण बनता है।

लू लगना (Heat Stroke)

जब शरीर भीषण गर्मी को सहन नहीं कर पाता, तो ‘हीट स्ट्रोक’ की स्थिति बनती है। इसमें शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम (पसीना आना) बंद हो सकता है, जिससे शरीर के अंदरूनी तरल पदार्थ तेजी से खत्म होने लगते हैं।

खान-पान में लापरवाही

  • कैफीन और अल्कोहल: चाय, कॉफी और शराब का अधिक सेवन ‘डाईयूरेटिक’ (Diuretic) की तरह काम करता है, जिससे पेशाब अधिक आता है और शरीर से पानी तेजी से कम होता है।
  • तला-भुना भोजन: गर्मी में भारी और मसालेदार खाना पचाने के लिए शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता होती है।

बीमारियाँ (जैसे डायरिया या उल्टी)

गर्मी में खराब खाने या दूषित पानी की वजह से फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। दस्त (Diarrhea) और उल्टी की स्थिति में शरीर से पानी बहुत तेजी से बाहर निकल जाता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।

बार-बार पेशाब आना

गर्मी में कुछ लोग ठंडी जगहों (AC) में ज्यादा रहते हैं या कुछ दवाइयों का सेवन करते हैं, जिससे बार-बार पेशाब आता है। अगर इसके अनुपात में पानी न पिया जाए, तो पानी की कमी हो जाती है।

लेखक मेडिकल सेक्टर से जुड़ें हैं


डिहाइड्रेशन के मुख्य लक्षण (Symptoms):

  • गला और मुंह सूखना।
  • गहरे पीले रंग का पेशाब आना।
  • चक्कर आना या सिरदर्द होना।
  • अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस करना।
  • त्वचा का रूखा होना।

बचाव के उपाय:

  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें।
  • दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं।
  • नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस (ORS) का सेवन करें।
  • तरबूज, खीरा और संतरा जैसे पानी से भरपूर फल खाएं।

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