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महाराष्ट्र विमान हादसा: उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, प्लेन क्रैश में 5 की मौत

प्लेन क्रैश.. अजीत पवार का निधन प्लेन क्रैश.. अजीत पवार का निधन

पुणे/बारामती: BDC News/bhopalonline.org

महाराष्ट्र की राजनीति से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। बुधवार सुबह राज्य के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार को ले जा रहा एक निजी चार्टर्ड विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई है।

कैसे हुआ हादसा?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, अजित पवार मुंबई से बारामती में होने वाले जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए जा रहे थे। जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने वाला था, तभी वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लैंडिंग के समय विमान में कुछ तकनीकी खराबी नजर आ रही थी, जिसके बाद वह जमीन से टकराया और उसमें भीषण आग लग गई।

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DGCA ने पुष्टि की है कि विमान में दो पायलट (क्रू सदस्य) और अजित पवार के साथ तीन अन्य लोग सवार थे। इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा है।

अजित पवार के आकस्मिक निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक छा गया है….

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और गहरा दुख व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर भावुक पोस्ट में लिखा, ‘बारामती, महाराष्ट्र में हुए दुखद विमान हादसे से बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजन खो दिए। मैं इस क्षण में शोकग्रस्त परिवारों के लिए शक्ति और साहस की प्रार्थना करता हूं।’

पीएम मोदी ने लिखा, ‘अजित पवार जी लोगों के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत संबंध था। उन्हें महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में मेहनती और समर्पित व्यक्ति के रूप में व्यापक सम्मान मिला। प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीब व वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी उल्लेखनीय था। उनका आकस्मिक निधन बेहद स्तब्ध करने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।’

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  • अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी इस घटना को अपूरणीय क्षति बताया है।
  • इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद जैसे नेताओं ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए इसे देश के लिए एक बड़ा नुकसान बताया है।
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जांच के आदेश

प्रशासन ने मौके से तीन शव बरामद कर अस्पताल भेज दिए हैं। पुलिस और विमानन विभाग (DGCA) मामले की गहन जांच कर रहे हैं कि यह हादसा खराब मौसम की वजह से हुआ या विमान में कोई तकनीकी खामी थी। बारामती एसपी ग्रामीण संदीप सिंह ने बताया कि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल पाएगा।

तारीख: 28 जनवरी, 2026

ऑपरेटर: VSR

एयरक्राफ्ट टाइप: लियरजेट 45

लोकेशन: बारामती एयरपोर्ट, महाराष्ट्र

यात्री: क्रू समेत 5 लोग

डिटेल: बारामती में एयरक्राफ्ट की क्रैश लैंडिंग हुई। विमान में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार अपने निजी सुरक्षा अधिकारी और एक सहायक के साथ मौजूद थे। इसे 2 क्रू मेंबर ऑपरेट कर रहे थे।


  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस (18 अगस्त 1945): ताइवान के ताइहोकू एयरपोर्ट पर जापानी सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से निधन का दावा। हालांकि, यह आज भी रहस्यों के घेरे में है।
  • होमी जहांगीर भाभा (24 जनवरी 1966): भारत के परमाणु विज्ञान के जनक। स्विट्जरलैंड के मोंट ब्लांक में एअर इंडिया का विमान क्रैश होने से निधन।
  • संजय गांधी (23 जून 1980): पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे। दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास खुद विमान उड़ाते समय स्टंट के दौरान क्रैश में मौत।
  • माधवराव सिंधिया (30 सितम्बर 2001): दिग्गज कांग्रेस नेता। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में खराब मौसम के कारण चार्टर्ड प्लेन क्रैश होने से जान गई।
  • जीएमसी बालयोगी (3 मार्च 2002): पूर्व लोकसभा अध्यक्ष। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में तकनीकी खराबी के कारण हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन।
  • सौंदर्या (17 अप्रैल 2004): मशहूर अभिनेत्री (फिल्म ‘सूर्यवंशम’)। बेंगलुरु में चुनावी प्रचार के दौरान सेसना एयरक्राफ्ट क्रैश होने से महज 32 साल में मौत।
  • ओपी जिंदल और सुरेंद्र सिंह (31 मार्च 2005): हरियाणा के तत्कालीन मंत्री। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के पास हेलीकॉप्टर क्रैश में जान गंवाई।
  • वाईएस राजशेखर रेड्डी (3 सितंबर 2009): आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री। नल्लामला के घने जंगलों में हेलीकॉप्टर क्रैश होने से दुखद अंत।
  • दोर्जी खांडू (30 अप्रैल 2011): अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री। तवांग के पास सेला पास में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन।
  • जनरल बिपिन रावत (8 दिसंबर 2021): भारत के पहले सीडीएस। तमिलनाडु के कुन्नूर में एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों की मृत्यु।

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सहकारी संस्थाओं से लेकर महाराष्ट्र के ‘पावर गेम’ तक का पूरा इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में अजीत पवार एक ऐसा नाम है, जिन्हें उनके बेबाक अंदाज और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के लिए जाना जाता है। शरद पवार की विरासत से राजनीति की शुरुआत करने वाले ‘दादा’ (जैसा कि उनके समर्थक उन्हें पुकारते हैं) ने भारतीय राजनीति के सबसे बड़े उलटफेरों में अपनी अहम भूमिका दर्ज कराई है।

शुरुआती सफर और सहकारी राजनीति

अजीत पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर में हुआ था। उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत सहकारी क्षेत्र से हुई। 1982 में उन्होंने सहकारी चीनी मिल के चुनाव से अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। 1991 में वे पहली बार बारामती लोकसभा सीट से सांसद चुने गए, लेकिन अपने चाचा शरद पवार के लिए उन्होंने यह सीट छोड़ दी और महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय हो गए।

प्रशासनिक अनुभव और ‘डिप्टी सीएम’ का रिकॉर्ड

अजीत पवार के नाम महाराष्ट्र में सबसे अधिक बार उपमुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। उन्होंने सिंचाई, जल संसाधन और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला है। उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है जो सुबह जल्दी काम शुरू करने और फाइलों पर त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रसिद्ध हैं।

बगावत और नई राह

अजीत पवार के करियर में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर नेतृत्व को लेकर असहमति जताई।

  • 2019 का शपथ ग्रहण: देवेंद्र फडणवीस के साथ तड़के सुबह की गई गठबंधन सरकार ने पूरे देश को चौंका दिया था।
  • 2023 का विभाजन: उन्होंने अंततः पार्टी के एक बड़े धड़े के साथ अलग रास्ता चुना और महायुति (BJP-शिवसेना) सरकार में शामिल हो गए।

पवार बनाम पवार: विरासत की लड़ाई

वर्तमान में अजीत पवार अपनी अलग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं और ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर उनका दावा निर्वाचन आयोग द्वारा बरकरार रखा गया है। यह संघर्ष केवल सत्ता का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सबसे कद्दावर राजनीतिक परिवार की असली विरासत का है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के असामयिक निधन पर गहन दुःख व्यक्त किया

सीएम मोहन यादव ने शोक व्‍यक्त किया

प्‍लेन क्रैश में अजित पवार के निधन की खबर के बाद सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्‍ट शेयर करके दुख जताया है. सीएम यादव ने लिखा ” महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में सदैव समर्पित रहे. महाराष्ट्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा. वे जमीन से जुड़े नेता थे. उनके असामयिक निधन पर मैं श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूं. बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहने की शक्ति दें. ॐ शांति!

शरद पवार का पहला बयान….हादसा है, इसमें कोई राजनीति नहीं.. भतीजे अजित पवार के निधन पर कहा

गृह मंत्री अमित शाह बारामती जाएंगे, अजिल पंवार के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे

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