मध्य प्रदेश में मौसम का रौद्र रूप
भोपाल:
BDC News | bhopalonline.org
मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और अप्रत्याशित उलटफेर देखने को मिला है। मई महीने के शुरुआती दिनों में जहां लोग आंधी, बारिश और ठंडी हवाओं का आनंद ले रहे थे, वहीं अब प्रदेशवासी भीषण गर्मी और जानलेवा लू (हीटवेव) के थपेड़ों से जूझने को मजबूर हैं। सूरज के तल्ख तेवरों के चलते आसमान से मानो आग बरस रही है। शनिवार को राज्य के प्रशासनिक व भौगोलिक इतिहास में एक बेहद गर्म दिन दर्ज किया गया, जब प्रदेश के 15 प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान $43^\circ\text{C}$ के आंकड़े को पार कर गया। इस दौरान खंडवा और नौगांव राज्य के सबसे तप्त स्थल रहे, जहां पारा $44^\circ\text{C}$ के भी ऊपर पहुंच गया। दोपहर के समय भीषण तपिश के कारण सड़कें पूरी तरह सुनसान नजर आईं और राहगीर छांव तलाशते दिखे।
राजधानी भोपाल में सीजन का सबसे गर्म दिन
राजधानी भोपाल में भी रविवार को सूर्य देव ने अपना उग्र रूप दिखाया, जिसके चलते यहां का अधिकतम तापमान 42.4C दर्ज किया गया। आसमान साफ होने और सीधी धूप के साथ चल रही गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोपहर के समय शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों जैसे न्यू मार्केट, बिट्टन मार्केट और पुराने शहर के व्यस्त बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में बेहद कम भीड़ देखने को मिली। लू के डर से लोग केवल अति-आवश्यक कार्य होने पर ही पूरी एहतियात के साथ घरों से बाहर निकल रहे हैं।
खंडवा, खरगोन और रतलाम में ‘तीव्र लू’ का रेड अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल ने रविवार को बुलेटिन जारी करते हुए खंडवा, खरगोन और रतलाम जिलों के लिए ‘तीव्र लू’ (Severe Heatwave) का विशेष अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में शुष्क पश्चिमी हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण पारा 44 C से 45C के बीच रहने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, मालवा-निमाड़ अंचल के अन्य जिलों जैसे इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, बड़वानी, अलीराजपुर और बुरहानपुर में भी गर्म और धूलभरी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगी।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और शहडोल समेत कई जिलों में तेज गर्मी और लू का सीधा असर बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अगले तीन दिनों तक पूरे मध्य प्रदेश में इसी तरह की भीषण तपन बनी रहेगी और तापमान में और भी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
13 दिनों की राहत के बाद अचानक क्यों बदली मौसम की चाल?
इस वर्ष मई के पहले पखवाड़े में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ था। 30 अप्रैल से 15 मई के बीच कुल 13 दिन ऐसे रहे, जब प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सक्रिय रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के चलते आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला। इन प्रणालियों के प्रभाव से वातावरण में नमी थी और मौसम काफी ठंडा बना हुआ था। लेकिन अब जैसे ही ये मौसमी सिस्टम कमजोर पड़कर समाप्त हुए, वैसे ही उत्तर और पश्चिम की ओर से आ रही शुष्क हवाओं ने गर्मी को रौद्र रूप में ला खड़ा किया है।
दोपहर 12 से 3 बजे तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों ने आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की कड़ी सलाह दी है। इस समयावधि में सौर विकिरण और लू का प्रभाव अपने उच्चतम स्तर पर होता है। चूंकि फिलहाल बंगाल की खाड़ी या अरब सागर से नमी लाने वाला कोई भी नया मौसम सिस्टम सक्रिय नहीं है, इसलिए आने वाले 72 घंटों तक इस भीषण गर्मी से किसी भी प्रकार की राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
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