भोपाल |
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राजधानी में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस के 101 जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिष्ठित ‘केएफ रूस्तमजी पुरस्कार’ से अलंकृत किया। यह सम्मान साल 2019-20 और 2021-22 की अवधि में उत्कृष्ट सेवाओं, नक्सल विरोधी अभियानों और दस्यु उन्मूलन में अदम्य साहस दिखाने के लिए दिया गया है।
पुलिस जवानों के लिए सीएम की बड़ी घोषणाएं
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं

- आवास सुविधा: जवानों को उनके जिले में आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरणों से बातचीत करेगी।
- पुलिस भर्ती 2026: सीएम ने घोषणा की कि साल 2026 में 10 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की जाएगी, जिसमें सब-इंस्पेक्टर और अन्य पद शामिल होंगे।
- नियमित पुरस्कार: पेंडिंग पुरस्कारों को खत्म करने के लिए अब हर साल सम्मान समारोह आयोजित करने की कोशिश की जाएगी।
- पुरस्कार राशि में वृद्धि: डीजी (DG) स्तर पर पुरस्कार देने की सीमा 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
तीन श्रेणियों में दिया गया सम्मान

डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि 2013 से शुरू हुए इस पुरस्कार के तहत अब तक 418 पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जा चुका है। इस वर्ष पुरस्कारों को तीन श्रेणियों में बांटा गया:
- परम विशिष्ट श्रेणी: 5 लाख रुपये या हथियार (7 अधिकारी)।
- अति विशिष्ट श्रेणी: 2 लाख रुपये या हथियार (8 अधिकारी)।
- विशिष्ट श्रेणी: 50 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र (86 अधिकारी)।
डीजीपी ने साझा किया पिता का भावुक किस्सा
डीजीपी कैलाश मकवाना ने अपने पिता के पुलिस करियर का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पिता 1968 बैच के डीएसपी थे, लेकिन एक सड़क दुर्घटना में लगी चोट के कारण उन्हें खाकी छोड़नी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि आज जब वे खुद पुलिस प्रमुख के रूप में जांबाजों को सम्मानित कर रहे हैं, तो उनके पिता का ‘खाकी सेवा’ का सपना पूरा हो रहा है।
कौन थे केएफ रूस्तमजी?
केएफ रूस्तमजी मध्यप्रदेश के दूसरे पुलिस महानिदेशक (1958-1965) थे। उन्होंने न केवल एमपी पुलिस की नींव मजबूत की, बल्कि वे बीएसएफ (BSF) के संस्थापक महानिदेशक भी रहे। दस्यु उन्मूलन और पुलिस आधुनिकीकरण में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है।
लक्ष्य: 2028 सिंहस्थ और नशामुक्त मध्यप्रदेश
समारोह में भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने बताया कि:
- सिंहस्थ 2028: आगामी कुंभ मेले के लिए फोर्स को तैयार करना बड़ी प्राथमिकता है।
- नारकोटिक्स मुक्त प्रदेश: अगले तीन सालों में मध्यप्रदेश को ड्रग्स मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- सायबर सुरक्षा: सायबर फ्रॉड की शिकायतों के लिए ‘ई-जीरो एफआईआर’ की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
सम्मानित होने वाले कुछ प्रमुख नाम
- 2019-20: राजेश सहाय (एसपी लोकायुक्त), राजेश तिवारी (तत्कालीन एएसपी), ज्योति तिवारी (महिला आरक्षक) सहित अन्य।
- 2021-22: अपूर्व भलावी (एसडीओपी), पंकज कर्मा (निरीक्षक), विजय वास्कले (उप निरीक्षक) सहित अन्य।
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