भोपाल| BDC News|bhopalonline.org
“जनगणना का मतलब सिर्फ लोगों की गिनती करना या सरकारी कागजी कार्यवाही पूरी करना नहीं है। यह एक ऐसा बड़ा अभियान है जिससे यह पता चलता है कि हमारे देश और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए कैसी योजनाएं बनानी चाहिए। इसी डेटा के आधार पर सरकार यह तय करती है कि भविष्य में विकास के काम किस दिशा में किए जाएं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजधानी मेें आयोजित जनगणना-2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में कही।
भविष्य की रणनीति का आधार: डेटा और डिजिटलीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधनों का न्यायोचित वितरण और लोक कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण जनगणना के सटीक आंकड़ों पर ही निर्भर करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होने जा रही है, जिससे डेटा के विश्लेषण में गति और सटीकता आएगी।
- मजरों-टोलों का आंकलन: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस बार की गणना में गांवों के साथ-साथ मजरों, टोलों और ‘बेचिराग’ गांवों की स्थिति का भी विशेष आंकलन किया जाए।
- रणनीतिक नेतृत्व: प्रदेश के कलेक्टर्स और कमिश्नर्स को इस कार्य को उच्च प्राथमिकता देने और समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना 2027: दो चरणों की कार्ययोजना
भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी डेटा संग्रहण प्रक्रिया है। मध्य प्रदेश में इसे दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा:
| चरण | कार्य की प्रकृति | समय-सीमा |
| प्रथम चरण | मकानों का सूचीकरण, परिसंपत्तियों और सुविधाओं का विवरण | 1 मई से 30 मई 2027 |
| द्वितीय चरण | जनसंख्या की गणना (आयु, लिंग, धर्म, साक्षरता, आर्थिक स्थिति आदि) | फरवरी 2027 |
प्रशासनिक सतर्कता और आगामी निर्देश
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल जनगणना ही नहीं, बल्कि आगामी प्रशासनिक चुनौतियों पर भी चर्चा की।
- बजट सत्र: मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा।
- कानून व्यवस्था: महाशिवरात्रि और होली के मद्देनजर शांति समितियों की बैठक और मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
- कृषक कल्याण वर्ष 2026: दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और ‘नरवाई’ जलाने की घटनाओं को शून्य करने के लिए जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा।
- राजस्व लक्ष्य: खनिज, आबकारी और पंजीयन विभाग को निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु सक्रिय रहने को कहा।
डिजिटल जनगणना की विशेषताएं
रजिस्ट्रॉर जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि इस बार स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी होगा। नागरिक स्वयं पोर्टल के माध्यम से मोबाइल या लैपटॉप से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके साथ ही इस बार जातिगत जनगणना भी की जाएगी, जो सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।
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