‘फिल्मी’ अंदाज में घुसे 5 नकाबपोश, DGP ने संभाला मोर्चा
सिंगरौली/बैढ़न।
BDC News| bhopalonline.org
मध्य प्रदेश के ऊर्जा संभाग सिंगरौली से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। जिले के बैढ़न स्थित ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ में शुक्रवार दोपहर पांच हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े डकैती की एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। बदमाश ग्राहकों का करीब 10 किलो सोना (कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये) और 20 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए हैं।

संदिग्ध सीसीटीवी इमैज
दोपहर 1:00 बजे: खौफ का वो मंजर
चश्मदीदों के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे बैंक में कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था। तभी अचानक दो मोटर साइकिलों पर सवार होकर पांच नकाबपोश युवक बैंक परिसर में दाखिल हुए। उनके हाथों में कट्टे और पिस्टल थे। अंदर घुसते ही बदमाशों ने चीखते हुए चिल्लाया— “कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा, वरना गोली मार देंगे।”
मैनेजर पर हमला और दहशत की फायरिंग
जब बैंक मैनेजर ने साहस दिखाते हुए अलार्म बजाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने छत की ओर एक हवाई फायर किया, जिसकी गूंज से बैंक के अंदर मौजूद ग्राहक और कर्मचारी थर-थर कांपने लगे। लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे और कोनों में छिप गए।
पिट्ठू बैग में भरा ‘करोड़ों का सोना’
वारदात को बहुत पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया। बदमाशों को पहले से पता था कि गोल्ड लोन का सोना कहाँ रखा है। उन्होंने बैंक कर्मी को बंदूक की नोक पर लिया और स्ट्रॉन्ग रूम खुलवाया।
- बदमाशों ने लॉकर में रखे ग्राहकों के गिरवी रखे 9 से 10 किलो सोने के जेवरात निकाल लिए।
- साथ ही कैश काउंटर पर रखे 20 लाख रुपये भी अपने बैगों में भर लिए।
- मात्र 10 से 15 मिनट के भीतर बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
देर रात डीजीपी का सिंगरौली में डेरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे खुद सिंगरौली पहुँचे। उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। रीवा रेंज के आईजी साकेत प्रसाद पांडे और फोरेंसिक टीमें भी मौके पर सबूत जुटाने में लगी हैं।
🏛️ BDC न्यूज़ व्यू: सुरक्षा में बड़ी चूक या सुनियोजित साजिश?
सिंगरौली बैंक डकैती केवल एक लूट नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा तंत्र की विफलताओं का पुलिंदा है। BDC न्यूज़ कुछ कड़े सवाल उठाता है..
- बैंक की सुरक्षा: इतनी बड़ी मात्रा में सोना रखने वाले बैंक में क्या केवल एक निहत्था गार्ड था? बदमाशों ने इतनी आसानी से स्ट्रॉन्ग रूम तक कैसे पहुँच बनाई?
- पुलिस का इंटेलिजेंस: पांच हथियारबंद बदमाश शहर के बीचों-बीच वारदात करके फरार हो जाते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लगती?
- गोल्ड लोन सुरक्षा: यह सोना आम जनता का था, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई गिरवी रखी थी। अब उनकी भरपाई कैसे होगी?
सिंगरौली पुलिस ने जिले की सीमाएं सील कर दी हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान का दावा किया जा रहा है। हालांकि, डकैतों का इस तरह निडर होकर भाग जाना बताता है कि उन्हें इलाके के रास्तों की पूरी जानकारी थी। क्या इस वारदात में कोई ‘इनसाइडर’ (भीतरी व्यक्ति) शामिल है? जांच इसी दिशा में मुड़ती दिख रही है।