Headlines

पचपदरा रिफाइनरी : PM मोदी के उद्घाटन से ठीक पहले में भीषण आग, CDU यूनिट धधकी

बालोतरा जिले में स्थित HPCL पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। बालोतरा जिले में स्थित HPCL पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग लग गई।

बालोतरा (राजस्थान):
BDC News | bhopalonline.org

राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित एचपीसीएल (HPCL) पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब परिसर के एक महत्वपूर्ण हिस्से में भीषण आग लग गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रिफाइनरी के उद्घाटन से ठीक 24 घंटे पहले हुई है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धुएं का काला गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा गया

दोपहर 2 बजे क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में भड़की आग

जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 2:00 बजे रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में अचानक आग लग गई। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य रिफाइनरी के CDU-VDU साइड में एक एक्सचेंजर ब्लास्ट होने के बाद लपटें उठीं। जैसे ही तकनीकी खराबी और धुएं का पता चला, कर्मचारियों ने तुरंत फायर सेफ्टी सिस्टम को सक्रिय कर दिया और प्रशासन को सूचित किया।

भारी मशक्कत के बाद पाया गया काबू

सूचना मिलते ही बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों से करीब 10 से 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत और लगातार पानी की बौछारों के बाद आग पर लगभग काबू पा लिया गया। एहतियात के तौर पर रिफाइनरी के उस पूरे ब्लॉक को खाली करा लिया गया है और सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी कर्मचारी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।

पीएम मोदी के सभा स्थल से महज 800 मीटर की दूरी पर हादसा

यह आग इसलिए भी चिंता का विषय है क्योंकि मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिफाइनरी का आधिकारिक उद्घाटन करने वाले हैं। जिस यूनिट में आग लगी, वह पीएम मोदी के प्रस्तावित सभा स्थल से महज 800 मीटर की दूरी पर स्थित है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लेने आज ही रिफाइनरी पहुँच सकते हैं।

रिफाइनरी परियोजना का महत्व

पचपदरा रिफाइनरी देश की पहली ऐसी ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जिसे ₹79,450 करोड़ से अधिक के निवेश से तैयार किया गया है। इसकी क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है। यह परियोजना न केवल राजस्थान के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा में भी बड़ा योगदान देगी।


लेटेस्ट अपडेट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *