तेहरान/तेल अवीव। BDC News|bhopalonline.org
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में हुए एक बड़े सैन्य हमले में ईरान के रक्षा मंत्री और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक शीर्ष कमांडर के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की ज्वाला को और भड़का दिया है।
सर्जिकल स्ट्राइक से दहल उठा ईरान
सूत्रों के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक हमले किए। दावा किया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में न केवल महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया, बल्कि ईरानी सैन्य नेतृत्व को भी भारी नुकसान पहुंचा है। यदि इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि पूरी तरह से हो जाती है, तो यह ईरान के लिए इस दशक का सबसे बड़ा सुरक्षा आघात होगा।
अमेरिका और इजरायल की साझा रणनीति?
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल की बढ़ती सक्रियता और ईरान के साथ बढ़ते सीधे सैन्य टकराव ने दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान की जवाबी कार्रवाई की क्षमता को कुचलने के लिए किया गया है। दूसरी ओर, ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देने और “भयानक बदला” लेने की चेतावनी दी है।
दुनिया पर असर
इस सैन्य टकराव के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है और तीसरे विश्व युद्ध जैसी आशंकाएं गहराने लगी हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठन शांति की अपील कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल युद्ध के बादल छंटते नजर नहीं आ रहे हैं।
- बैरागढ़ में 12 साल की बच्ची की जघन्य हत्या, रेप की आशंका पर थाने के बाहर हंगामा और तोड़फोड़

- नवरात्रि : सिंध जीव सेवा कल्याण समिति बांट रही महाप्रसाद, 11 स्थानों पर सेवा जारी
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे का बड़ा प्रदर्शन

- सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा: उज्जैन से अयोध्या तक 1000 किमी का सफर

- Saptahik Rashifal 5 to 11 October 2026: जानिए मेष से मीन तक का साप्ताहिक राशिफल

- एशियन गेम्स 2026: भारत का शानदार अभियान 21 गोल्ड और 85 पदकों के साथ समाप्त

- बागमगुलिया: प्रोस्पेरा सोसाइटी में गणेशजी की मनोहारी प्रतिमा की स्थापना

- हनुमान अंश 200 करोड़ क्लब के करीब, 34वें दिन भी सिनेमाघरों में बरकरार है दबदबा





