नई दिल्ली/भोपाल।
BDC News | bhopalonline.org
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। ये युवक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के सीधे संपर्क में थे और देश के प्रमुख मंदिरों, सैन्य ठिकानों और भीड़भाड़ वाले ढाबों को बम धमाकों से दहलाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनमोल राय (टीकमगढ़), राजवीर और विवेक बंजारा (ग्वालियर) के रूप में हुई है।
दिल्ली के मंदिर और सैन्य कैंप की थी रेकी
विशेष पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इन संदिग्धों ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की पूरी रेकी की थी। आरोपियों ने मंदिर परिसर और वहां तैनात सुरक्षा बलों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया के जरिए अपने पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे थे। इनका मकसद मंदिर में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाना था। इसके अलावा, इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित एक मिलिट्री कैंप के वीडियो भी सीमा पार भेजे थे, जिसे निशाना बनाने की योजना तैयार की जा रही थी।
‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ में हुआ बड़ा खुलासा
यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ का हिस्सा है। हाल ही में पुलिस ने शहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्धों को पकड़ा था। उन्हीं से पूछताछ के दौरान मध्यप्रदेश के इन तीन युवकों के नाम सामने आए। पुलिस के मुताबिक, ये तीनों आरोपी बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं और दिल्ली में मजदूरी कर चुके हैं। इनके मोबाइल से कई संदिग्ध ई-मेल, ऑडियो-वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग और संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें बरामद हुई हैं, जो इनके आतंकी कनेक्शन की पुष्टि करती हैं।
सोनीपत हाईवे के ढाबे पर ग्रेनेड हमले का था टास्क
जांच में यह भी सामने आया है कि इन आतंकियों को दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक बेहद व्यस्त ढाबे पर ग्रेनेड हमला करने का काम सौंपा गया था। इस ढाबे पर रोजाना हजारों लोगों की भीड़ रहती है, जिससे भारी जनहानि होने की आशंका थी। आरोपियों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए गए थे कि वे अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाएं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि इनके फंडिंग नेटवर्क और अन्य मददगारों का पता लगाया जा सके।
मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दबिश
स्पेशल सेल की टीम ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात टीकमगढ़ के पृथ्वीपुर और ग्वालियर के डबरा इलाके में छापेमारी कर इन तीनों को दबोचा। पकड़े जाने के बाद इन्हें तुरंत दिल्ली ले जाया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने इन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने के लिए कितनी रकम दी थी और इनके पास हथियार कहां से पहुंचने वाले थे।
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