गर्मियों का अमृत और प्राकृतिक शीतल पेय
BDC News | bhopalonline.org
भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए बेल का शरबत (Bael Sharbat) प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। बेल, जिसे ‘पत्थर बेल’ या ‘Wood Apple’ भी कहा जाता है, अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। यह न केवल शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाता है, बल्कि पाचन तंत्र के लिए भी रामबाण माना जाता है। गर्मियों के दिनों में उत्तर और मध्य भारत की गलियों में मिलने वाला यह शरबत ताज़गी का सबसे शुद्ध स्रोत है।
कहां सबसे अधिक लोकप्रिय है?
बेल का शरबत मुख्य रूप से उत्तर भारत और मध्य भारत में सबसे अधिक पिया जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में यह गर्मियों का सबसे प्रमुख पारंपरिक पेय है। बंगाल में इसे ‘बेल पाना’ के नाम से जाना जाता है और वहां इसे बनाने की अपनी खास परंपरा है।
बेल का शरबत बनाने की सामग्री
- पका हुआ बेल: 1 बड़ा (सुनहरे पीले रंग का)
- ठंडा पानी: 4-5 गिलास
- चीनी या मिश्री: स्वादानुसार (बेल पहले से मीठा होता है, इसलिए कम जरूरत पड़ती है)
- काला नमक: आधा छोटा चम्मच
- भुना हुआ जीरा पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- पुदीने की पत्तियां: सजावट और ताजगी के लिए
- बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार
बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
- बेल को खोलना: सबसे पहले बेल के सख्त छिलके को किसी भारी वस्तु से मारकर तोड़ लें। चम्मच की मदद से इसके अंदर का सारा गूदा एक बड़े बर्तन में निकाल लें।
- भिगोना और मसलना: गूदे में 2 गिलास पानी डालकर इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करके गूदे को पानी में अच्छी तरह मसलें ताकि रेशे और बीज अलग हो जाएं। (ध्यान रहे: इसे मिक्सी में न चलाएं, वरना बीज पिसने से शरबत कड़वा हो सकता है)।
- छानना: अब इस गाढ़े मिश्रण को एक बड़ी छलनी से छान लें ताकि रेशे और बीज पूरी तरह निकल जाएं।
- मीठा और मसाले मिलाना: तैयार गाढ़े रस में बाकी बचा हुआ ठंडा पानी, चीनी/मिश्री, काला नमक और भुना जीरा पाउडर डालें। इसे तब तक घोलें जब तक चीनी पूरी तरह मिल न जाए।
- परोसें: तैयार शरबत को गिलासों में निकालें, ऊपर से बर्फ के टुकड़े और पुदीने की पत्तियां डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें।
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