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भोपाल में अतिथि शिक्षकों का हल्ला बोल: नियमितीकरण की मांग को लेकर अंबेडकर पार्क में बड़ा प्रदर्शन

अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन AI Image अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन AI Image
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भोपाल:
BDC News | bhopalonline.org
मध्य प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक एक बार फिर अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। ‘स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले आज बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को राजधानी के अंबेडकर पार्क में बड़ा प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। संगठन ने इस आंदोलन को “ऐतिहासिक” और “निर्णायक” बनाने का दावा किया है।

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वादों पर अमल न होने से शिक्षकों में भारी आक्रोश

संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के समय अतिथि शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के जो बड़े वादे किए थे, वे अब तक कागजों तक ही सीमित हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सालों से सेवा दे रहे शिक्षकों के मुद्दों पर अब राजनीतिक नेतृत्व ने चुप्पी साध ली है, जिससे हजारों परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

मुख्यमंत्री के पुराने वादे पर उठे सवाल

मोर्चा के समन्वयक रामचंद्र नागर और बी.एम. खान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुराने स्टैंड की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री विधायक थे, तब उन्होंने स्वयं अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाने की वकालत की थी, लेकिन सत्ता की कमान संभालने के बाद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें:

शिक्षक संगठन ने सरकार के सामने अपनी चार मुख्य मांगें रखी हैं:

  1. नियमितीकरण: सालों से कार्यरत शिक्षकों को स्थायी सेवा में लिया जाए।
  2. विभागीय परीक्षा: केवल अतिथि शिक्षकों के लिए विशेष विभागीय परीक्षा का आयोजन हो।
  3. वार्षिक अनुबंध: शिक्षकों के लिए एक सुरक्षित वार्षिक अनुबंध की व्यवस्था की जाए।
  4. बोनस अंक: आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में अनुभव के आधार पर बोनस अंक दिए जाएं।

भविष्य सुरक्षित करने की निर्णायक लड़ाई

संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल रोजगार का नहीं, बल्कि स्वाभिमान और हजारों परिवारों के जीवन का सवाल है। वर्षों की सेवा के बाद भी शिक्षकों को बेरोजगारी के मुहाने पर छोड़ना उनके साथ अन्याय होगा। प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह संदेश देने की कोशिश है कि यदि जल्द ही मांगे पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।



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