भोपाल:
BDC News | bhopalonline.org
मध्य प्रदेश की राजधानी में भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है, शहर के विभिन्न अंचलों में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से निवास कर रहे अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इस बड़े प्रशासनिक एक्शन के तहत भोपाल शहर में 46.0000 हेक्टेयर सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है।
कलेक्टर गाइड-लाइन के अनुसार 70.50 करोड़ रुपये आंकी गई कीमत
कलेक्टर जिला भोपाल के मार्गदर्शन में गठित विशेष प्रशासनिक दलों द्वारा 1 अप्रैल से 15 मई तक अनुभाग स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इस बेसकीमती शासकीय भूमि का मूल्य कलेक्टर गाइड-लाइन वर्ष 2026-2027 के अनुसार कुल 70 करोड़ 50 लाख 17 हजार रुपये ($705,017,720$) आंका गया है। इस कार्रवाई से अवैध कब्जा करने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।
अनुभागवार की गई कार्रवाई का पूरा विवरण
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भोपाल के 8 प्रमुख अनुभागों में भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है:
- हुजूर अनुभाग: यहां सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 22.078 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत 12,41,00,000 रुपये है।
- एम.पी. नगर: इस व्यावसायिक क्षेत्र में 0.500 हेक्टेयर शासकीय भूमि खाली कराई गई, जिसका मूल्य 2,50,00,000 रुपये है।
- संत हिरदाराम नगर: यहां 0.415 हेक्टेयर जमीन मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत 45,00,000 रुपये आंकी गई है।
- कोलार अनुभाग: आवासीय और तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में 1.0001 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई, जिसका मूल्य 23,60,00,000 रुपये है।
- शहर वृत्त: इस अनुभाग के अंतर्गत 0.111 हेक्टेयर जमीन वापस ली गई, जिसकी कीमत 8,36,43,000 रुपये है।
- टी.टी. नगर: यहां प्रशासन ने 0.478177 हेक्टेयर शासकीय भूमि को कब्जे से मुक्त कराया, जिसका मूल्य 9,58,74,720 रुपये है।
- बैरसिया अनुभाग: इस ग्रामीण व अर्ध-शहरी अंचल में हुजूर के बाद दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 21.09 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत 2,04,00,000 रुपये है।
- गोविंदपुरा अनुभाग: औद्योगिक क्षेत्र के समीप 0.330 हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, जिसकी गाइड-लाइन वैल्यू 1,15,50,000 रुपये है।
भविष्य में भी जारी रहेगी अवैध कब्जों के खिलाफ मुहिम
कहा जा रहा है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला स्तर पर गठित विभिन्न राजस्व और पुलिस दल लगातार उपग्रह इमेजरी और भौतिक सत्यापन के माध्यम से संदिग्ध जमीनों की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी भूमि को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यमों से अवश्य कर लें।
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