नौतपा के दौरान भीषण गर्मी से बेहाल हुआ मध्य प्रदेश
प्री मानसून बारिश 29 मई से पांच जून तक होगी
भोपाल।
BDC News|bhopalonline.org
मध्य प्रदेश में इन दिनों नौतपा के कारण सूरज आसमान से आग उगल रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई जिलों में पारा लगातार चढ़ता जा रहा है, जहाँ अधिकतम तापमान 44 डिग्री से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, फिलहाल अगले दो दिनों तक प्रदेशवासियों को इस झुलसाने वाली गर्मी और भीषण लू (Heat Wave) से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। हालांकि, इसके बाद मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
बुंदेलखंड, चंबल और बघेलखंड में ‘रेड अलर्ट’
इस समय मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड, चंबल और बघेलखंड क्षेत्र सबसे गंभीर रूप से गर्मी की चपेट में हैं। राज्य के छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शुमार रहे, जहाँ थर्मामीटर का पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा। इसके अलावा दतिया, टीकमगढ़, सागर, दमोह, सतना और विदिशा जिलों में भी तीव्र लू का असर देखा गया, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 25 जिलों में हीट वेव (लू) का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।
राजधानी भोपाल में गर्म हवाओं का टॉर्चर
केवल ग्रामीण या सीमांत क्षेत्र ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के बड़े महानगर भी इस तपन से अछूते नहीं हैं। राजधानी भोपाल में सुबह से ही तेज धूप और गर्म थपेड़ों (लू) के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। भोपाल में अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है। इसके साथ ही इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे रात के समय भी उमस और बेचैनी बरकरार है। हालांकि, इस भीषण तपिश के बीच राज्य के कुछ दक्षिणी जिलों जैसे बड़वानी और बुरहानपुर से थोड़ी राहत की खबर आई, जहाँ स्थानीय सिस्टम और बादलों की आवाजाही के कारण हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
आखिर क्यों अचानक भड़का गर्मी का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, इस अत्यधिक गर्मी के पीछे का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम दिशा (पाकिस्तान और राजस्थान के मरुस्थलीय इलाकों) से आ रही लगातार शुष्क और बेहद गर्म हवाएं हैं। इन हवाओं ने पूरे मध्य प्रदेश के वायुमंडल को गर्म कर दिया है। लेकिन इसी बीच एक राहतकारी सिस्टम भी आकार ले रहा है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में एक नया मौसम तंत्र (Weather System) सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।
28-29 मई से मिलेगी राहत
झुलसती गर्मी से परेशान मध्य प्रदेश के लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक राहत भरी भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 28 और 29 मई से राज्य के कई जिलों में मौसम करवट लेगा। इस दौरान आसमान में बादल छाने के साथ ही तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस प्री-मानसून गतिविधि के कारण प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आएगी। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को नौतपा की इस तपन से काफी हद तक निजात मिलेगी।
60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मौसम बदलते ही मध्य प्रदेश के कई हिस्सों, विशेषकर ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चल सकती है। आंधी और गरज-चमक की इस आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी (सलाह) जारी की है। किसानों को हिदायत दी गई है कि वे खेतों या मंडियों में खुले में रखी अपनी फसलों और कीमती कृषि उपकरणों को तुरंत सुरक्षित और छायादार स्थानों पर पहुँचा दें, ताकि तेज हवाओं और अचानक होने वाली बारिश से नुकसान को रोका जा सके।
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