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    ईरान-इजराइल युद्ध: विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, ईरान में फंसे 9000 भारतीयों को निकालने की तैयारी

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। AI विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। AI
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    नई दिल्ली। BDC News।bhopalonline.org

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और वहां मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 13वें दिन भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अहम जानकारी साझा की है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत और ईरान के विदेश मंत्री पिछले कुछ दिनों में तीन बार चर्चा कर चुके हैं। यह संवाद इस बात का संकेत है कि भारत इस संकट को कूटनीतिक स्तर पर सुलझाने और अपने हितों की रक्षा करने के लिए कितना सक्रिय है।

    विदेश मंत्रालय (MEA) के बयान की 5 बड़ी बातें

    1. समुद्री और ऊर्जा सुरक्षा पर गहन चर्चा

    जब प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या ईरान ने भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग की अनुमति दी है, तो उन्होंने कहा कि इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि, उन्होंने पुष्टि की कि हालिया बैठकों में समुद्री शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से बात हुई है।

    2. ईरान में मौजूद 9,000 भारतीयों का भविष्य

    सरकार के आंकड़ों के अनुसार, ईरान में वर्तमान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें छात्र, नाविक (Seafarers), व्यापारी, प्रोफेशनल और तीर्थयात्री शामिल हैं। सरकार इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों के निरंतर संपर्क में है।

    3. निकासी के लिए ‘अल्टरनेट रूट’ का इस्तेमाल

    ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार हर संभव मदद कर रही है। MEA के अनुसार, जो भारतीय सड़क मार्ग से वापस आना चाहते हैं, उन्हें अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते लाने की योजना पर काम हो रहा है। इसके लिए उन्हें वीजा सहायता और बॉर्डर क्रॉसिंग में मदद दी जा रही है।

    4. पीएम मोदी का शांति संदेश

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद खाड़ी देशों के प्रमुखों से बातचीत की है। भारत का रुख स्पष्ट है—जल्द से जल्द शांति बहाल होनी चाहिए। पीएम ने जोर दिया कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इसे संवाद (Dialogue) और कूटनीति (Diplomacy) के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए।

    5. दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि

    भारत ने ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति संवेदना व्यक्त की। विदेश सचिव ने 5 मार्च को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया और शोक-पुस्तिका (Condolence Book) पर हस्ताक्षर कर भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।


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